उन्होंने बताया कि सुबह करीब पांच बजे अविनाश सिंह के पास किसी का फोन आया था। जिसके बुलावे पर वह मां गुरुमित कौर को बताकर बाइक से घर से निकला था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने दोपहर करीब तीन बजे शव को खैर रोड पर रखकर जाम लगा दिया। वे इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने, फोन कर घर से बुलाने वाले दोषियों की पहचान कर उन्हें फांसी की सजा दिलाने, मुआवजा आदि की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे बाद शाम पांच बजे अधिकारियों ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इस दौरान आस-पास के बाजार व दुकानें बंद रहीं।
मामले में मृतक के भाई मनिंदर सिंह की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना हत्या है या फिर आत्महत्या। इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम, फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट देखी जा रही है। सर्विलांस टीम द्वारा मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि अविनाश सिंह किस के फोन व बुलावे पर घर से बाइक लेकर निकला था ? पर्स से नकदी गायब होने की भी जांच की जा रही है। -मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
अविनाश के परिजनों के अनुसार उसके पर्स में करीब 20-22 हजार रुपये थे, जो गायब हो गए हैं। संभावना है कि हत्यारों ने पर्स में रखी नकदी को निकाल लिया। फिर हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए पास में ही तमंचा फेंककर चले गए।
दो माह बाद होनी थी शादी
अविनाश चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। भाई बंटी सिंह व मनिंदर सिंह व बहन रीता की शादी हो चुकी है। अविनाश मां गुरुमित कौर के साथ में रहता था, जबकि भाई पास में ही अलग मकान में रहते हैं। परिजनों के अनुसार अविनाश की आगरा के रामबाग से शादी तय हो चुकी थी और दो माह बाद शादी होनी थी। इसको लेकर घर में खुशियों का माहाैल था। परिजन शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे, सोमवार सुबह फोन पर मनहूस खबर मिली।