साइर थाना पुलिस द्वारा बृहस्पतिवार को रिमांड पर लिए गए फर्जी पेटीएम एकाउंट बनाकर बेचने वाले साइबर हैकर को रिमांड पर लिया गया। आठ घंटे की रिमांड पर रहे हैकर से 80 सवालों के जवाब सिलसिलेवार हुई पूछताछ में पूछे गए। इस दौरान पुलिस को घुमाते-फिराते हुए उसने आठ ऐसे क्लू दिए हैं, जिनके सहारे पुलिस आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। सुबह 9 बजे रिमांड पर लेने के बाद शाम पांच बजे उसे जेल में दाखिल कर दिया गया। इस दौरान पूरी रिमांड प्रक्रिया व पूछताछ प्रक्रिया की पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर वीडियोग्राफी भी कराई। हैकर ने अपने दो साथियों के नाम बताएं हैं एक अमरोहा एक उन्नाव का रहने वाला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रेंज स्तरीय साइबर थाने में पहला मुकदमा मामू भांजा मंदिर वाली गली निवासी डॉ. पल्लवी अग्रवाल पुत्री संजय अग्रवाल ने दर्ज कराया था, जिसमें खुद के साथ एक लाख 34 हजार 960 रुपये की ऑनलाइन ठगी का आरोप था। इस मामले में ऑनलाइन ठगी का बेस तैयार करने वाले हैकर के रूप में 22 वर्षीय अफरोज अब्बासी पुत्र शहाबुद्दीन निवासी वार्ड नंबर 12 कृष्णा नगर नगर पंचायत निचलौल महाराजगंज को साइबर थाना टीम ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया और 7 जनवरी को जेल भेजा। इससे पूछताछ के लिए पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे न्यायालय के निर्देश पर आठ घंटे के रिमांड पर लिया था।
इस दौरान साइबर थाना टीम ने वीडियोग्राफी के बीच उससे सवाल जवाब हुए। इस दौरान उसने 40 सदस्यीय हैकर गैंग के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े अपने आठ साथियों के विषय में आधी अधूरी जानकारी दी है। किसी का नंबर नहीं बताया तो किसी का पता नहीं बताया। इसके अलावा आधा दर्जन बैंक एकाउंटों के अलावा आठ ऐसे पेटीएम एकाउंट भी बताए हैं जो फर्जी नाम पर थे और उनसे ठगी के बाद के रुपयों का लेनदेन होता था। इसके अलावा पुलिस ने उससे उसकी आय, खर्चे, साथियों के कामकाज, खुद के कामकाज, लक्ष्य तय करने की प्रक्रिया, रुपये आने के बाद से लेकर बंटवारे तक की प्रक्रिया आदि पर लंबी पूछताछ की।
इंस्पेक्टर साइबर थाना सुरेंद्र सिंह के अनुसार रिमांड पर उससे जो पूछताछ हुई है, उससे जो क्लू मिले हैं। जिन साथियों व फर्जी एकाउंटों की जानकारी मिली है। उनका अध्ययन, उनके लिंक, उनके नाम पते आदि पर काम किया जाएगा। कुछ तथ्य तो ऐसे भी मिले हैं, जिनकी मदद से जल्द ही कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। खास बात यह है कि इस गिरफ्तारी के बाद हैकर गैंग छिप भी गया है। उसे खोजने का काम भी किया जाएगा।
कई व्हाट्सएप ग्रुप चलाता था, खुद था एडमिन
पुलिस पूछताछ में साइबर हैकर ने स्वीकारा और तथ्य भी उजागर कराए कि वह हैकर गैंग के कई व्हाट्सएप ग्रुप चलाता था और खुद भी कई में एडमिन था। कुछ में उसने दूसरों को एडमिन बना रखा था। उन सभी ग्रुपों का भी अध्ययन किया जाएगा।
चाय-नाश्ता और खाने-पीने के बीच पूछताछ
चूंकि अब हैकर जेल से पुलिस रिमांड पर वीडियोग्राफी और अपने अधिवक्ता की मौजूदगी में आया था। इसलिए उससे पूछताछ के दौरान पुलिस को उससे दोस्ताना माहौल बनाना पड़ा। उसे चाय-नाश्ता में ब्रेड मक्खन खिलाया गया। इसके बाद दोपहर में खाना भी खिलाया गया। तब कई दौर की पूछताछ में उससे बातों-बातों में काफी कुछ निकलवाया जा सका।
80 में से 60 सवालों के दिए जवाब, कई पर झूठ
पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए पहले से 80 सवालों की सूची तैयार कर रखी थी। पूछताछ के दौरान उसने 60 करीब सवालों का जवाब दिया। 20 के जवाब देने से इंकार कर दिया। वहीं कई ऐसे जवाब भी दिए, जिन्हें सुनते ही पुलिस ने मान लिया कि वह झूठ बोल रहा है।
पिता ने डाल रखा है शहर में डेरा
पकड़े गए हैकर के पिता ने यहां शहर में ही डेरा डाल रखा है। वे एक होटल में ठहरे हुए हैं और लगातार बेटे की कानूनी पैरवी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को रिमांड के दिन भी अधिवक्ता के साथ वे थाना परिसर के बाहर मौजूद रहे। इस दौरान उनसे बातचीत की कोशिश की गई, मगर सफलता नहीं मिल सकी।