तीन साल पहले मामू भांजा की रहने वाली महिला के साथ साइबर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने आरोपी को अमरोहा से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस कुछ आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी सिटी कुलदीप गुनावत ने बताया कि सन 2017 में मामू भांजा की डॉ. पल्लवी अग्रवाल से आनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। इस मामले में उन्होंने 2020 में मुकदमा दर्ज करवाया था। उसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पिछले दिनों पुलिस ने साइबर माध्यम से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
इसी क्रम में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अमरोहा के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कुरैशी के रहने वाले मोहम्मद आफाक अंसारी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह देश भर में शामिल 100 से अधिक ग्रुप से जुड़ा है। फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराना, ओटीपी बेचने और यूजर पहचान बेचने काम में यह ग्रुप शामिल है। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में कुछ नए तथ्य प्रकाश में आए हैं, जिसके आधार पर पुलिस उस दिशा में काम करने में जुटी है।
रिटायर सिपाही से ठगी में चंपारण का गिरोह
एटा निवासी रिटायर्ड सिपाही अमर सिंह के साथ हुई 50 लाख की ठगी के मामले में बिहार के चंपारण के एक गिरोह का नाम सामने आ रहा है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में 55 लोग शामिल हैं। पुलिस टीम जल्द बिहार जाकर उस गिरोह का पर्दाफाश करने की तैयारी में लग गई है।
19 जनवरी को अलीगढ़ थाना साइबर क्राइम में एटा के श्याम बिहारी कॉलोनी निवासी रिटायर्ड सिपाही अमर सिंह के साथ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। अमर सिंह की तैनाती हाथरस में थी। 31 दिसंबर 2020 को वह रिटायर हुए थे। 7 जनवरी को उनके खाते में 14 लाख रुपए आने थे। लेकिन इसकी जानकारी अमर सिंह को नहीं थी।
ठगी करने वाले ने खुद को डिप्टी एसपी बताया और कहा कि उनके खाते में यह रकम आएगी। यह बात सुनकर अमर सिंह ने अपने खाते और आधार कार्ड की डिटेल की जानकारी दे दी। इसके बाद अमर सिंह के खाते से 50 लाख रुपए की निकासी हो गई। पूरे लेनदेन को ट्रेस करने पर पता चला कि बिहार के चंपारण से इस पूरे मामले को संचालित किया जा रहा है।