11 नवंबर 2013 को व्यापार के लिए छह लाख रुपये व बंटी पांच लाख रुपये लेकर टेंपो से लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार आरोपियों ने टेंपो में टक्कर मार दी। पहले टेंपो की खिड़की में फायर किया, फिर दोनों व्यापारियों पर गोली चला दी। इसके बाद दोनों 11 लाख रुपये लूटकर ले गए।
अलीगढ़ के थाना मडराक क्षेत्र में 11 साल पहले हुए डकैती के मामले में दोषी को 10 साल कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे नौ विनय तिवारी की अदालत ने दिया है।
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एडीजीसी जेपी राजपूत ने बताया कि मामले में पशु व्यापारी राजुद्दीन निवासी मोहल्ला व्यापारियान, सादाबाद (हाथरस) ने तहरीर दी थी। जिसमें बताया कि 11 नवंबर 2013 को वह व्यापार के लिए छह लाख रुपये व बंटी पांच लाख रुपये लेकर टेंपो से लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार आरोपियों ने टेंपो में टक्कर मार दी। पहले टेंपो की खिड़की में फायर किया, फिर दोनों व्यापारियों पर गोली चला दी। इसके बाद दोनों 11 लाख रुपये लूटकर ले गए।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद घटना को डकैती मानते हुए चार्जशीट लगाई। अदालत में इस मामले में जीवनगढ़ गली नंबर सात निवासी अकील ने अपना जुर्म इकबाल कर लिया। इस पर अदालत ने उसे 10 साल कारावास की सजा से दंडित किया है।