फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल में नहीं थे टॉपर, आज हैं टॉप पर

Fri, 10 May 2019 01:32 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
आकाश कुलहरि, एसएसपी । - फोटो : file photo
विज्ञापन
हाल ही में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का रिजल्ट आया है। कुछ बच्चों ने 99 प्रतिशत तक अंक हासिल कर जिला या स्कूल टॉप किया है। ऐसे बच्चों को बधाई, मगर जो टॉपर नहीं रहे, वह निराश न हों। हमारे आसपास ऐसे अनेक चेहरे हैं जो भले ही स्कूल में टॉपर न रहें हो लेकिन अपनी मेहनत से आज वह टॉप पर हैं। अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुलहरि बताते हैं, ‘मैं भी कुछ ऐसा ही था। दसवीं के परिणाम आने के बाद स्कूल से निकाल दिया गया था। मगर फिर आत्मविश्वास जगा, मेहनत की और आज यहां पहुंच गया। हां, इतना जरूर है कि कभी हार न मानने की प्रवृत्ति ने टॉप पर पहुंचाया।’ 
विज्ञापन




 राजस्थान के बीकानेर जिले के रहने वाले अलीगढ़ के पुलिस कप्तान आईपीएस आकाश कुलहरि की कहानी बड़ी रोचक है। उनके पिता वैटनरी चिकित्सक थे। उनकी स्कूलिंग बीकानेर शहर के सीबीएसई बोर्ड के बीकानेर स्कूल से शुरू हुई। 1996 में हाईस्कूल 57 प्रतिशत नंबरों के साथ पास किया। पहले पड़ाव में ही कमजोर साबित होने और प्रतिशत कम होने के कारण स्कूल से निकाल दिया गया। इसके बाद परिजनों ने भागदौड़ कर केंद्रीय विद्यालय बीकानेर में दाखिला दिलवाया। यहां से उन्होंने कुछ मेहनत की और 85 प्रतिशत के साथ इंटरमीडिएट परीक्षा पास की। फिर 2001 में दुग्गल कालेज बीकानेर से कामर्स विषय से बीकाम किया। यहां तक उन्होंने कोई लक्ष्य नहीं बनाया था। मगर इसके बाद जेएनयू दिल्ली से स्कूल आफ सोशन साइंस विषय से एमकाम किया। 




इसी दौरान लक्ष्य बनाकर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी और 2005 में एमफिल भी किया। इसी के साथ 2006 में पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर ली। उन्होंने स्वीकारा कि शुरुआत में ध्यान पढ़ाई पर कम खेलकूद जैसे क्रिकेट में ज्यादा था। स्नातक होने से पहले कोई टारगेट नहीं था। मगर इसके बाद लक्ष्य तय किया और सफलता प्राप्त कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें