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जहरीली शराब कांड में हाईकोर्ट से मिलने लगी राहत

Sun, 21 Nov 2021 01:42 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
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जहरीली शराब कांड में जेल गए लोगों को अब हाईकोर्ट से उम्मीद बंधने लगी है। इस मामले में हाईकोर्ट से कुछ लोगों को जमानत मिलने के बाद जेल में निरुद्ध माफिया व सहयोगियों के पैरोकारों ने हाईकोर्ट का रुख शुरू कर दिया है। अब तक हाईकोर्ट से तीन जमानतें मंजूर हो गई हैं और एक दर्जन से ज्यादा वहां लंबित हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि जिन्हें जमानतें मिली हैं, वे एक-एक मुकदमे में आरोपी थे। उन जमानत अर्जियों पर राहत के संकेत नहीं हैं, जिन पर एक से अधिक और गैंगेस्टर तक के मुकदमे हैं।
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मई के अंत में हुए प्रदेश भर में सुर्खियां बटोरेने वाले जहरीली शराब कांड में करीब सौ लोग अब तक जेल गए हैं। इनमें करीब डेढ़ दर्जन लोग शराब सिंडिकेट के मुख्य माफिया के रूप में चिह्नित हैं, जिनमें से दस लोग माफिया घोषित भी हैं। उनके सहयोगी भी हैं। इसके अलावा कुछ कर्मचारी या परिवार के ऐसे सदस्य हैं, जिन पर एक एक मुकदमे हैं।



अब तक सत्र न्यायालय से सभी की जमानत खारिज हुई थीं और कुछ जमानतें हाईकोर्ट से भी खारिज हुई थीं। मगर पिछले एक माह में ऐसे आरोपियों को जमानतें मिलने लगी हैं, जिन पर एक-एक मुकदमे हैं। इनमें अकराबाद के नानऊ रोड के शराब ठेके की मालकिन गीता निवासी महुआ खेड़ा, जवां छेरत के ठेके की मालकिन व शराब माफिया ऋषि शर्मा की पत्नी पूर्व ब्लाक प्रमुख रेनू शर्मा, बरला से जगदीश नाम का एक व्यक्ति है, जिन्हें जमानत मिली हैं। इनमें से गीता की तो रिहाई तक हो गई। इनमें गीता की जमानत में यहां से पैरोकारी नीरज चौहान एडवोकेट व रेनू शर्मा की जमानत में पैरोकारी श्रीकांत शर्मा एडवोकेट ने की है। इनकी जमानत की खबर मिलने के बाद पैरोकार राहत महसूस कर रहे हैं। 
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कानून के जानकार बता रहे हैं कि जिन लोगों पर अधिक मुकदमे और गैंगेस्टर हैं, उन्हें राहत के संकेत नहीं हैं। इसी कड़ी में यहां से जमानत खारिज होने के बाद कारोबारी विजेंद्र कपूर की ओर से पुलिस द्वारा लगाए गए गैंगेस्टर एक्ट के खिलाफ अर्जी दायर की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कुल मिलाकर पैरोकारों ने हाईकोर्ट की दौड़ लगाना शुरू कर दिया है।
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