देश में सुर्खियों में रहे 109 मौतों से जुड़े जहरीली शराब कांड में पुलिस नजीर पेश करने की तैयारी में है। प्रयास किया जा रहा है कि आगामी विधानसभा सत्र से पहले कुछ मुकदमे सजा की दहलीज पर पहुंच जाएं। इसी का नतीजा है कि इस प्रकरण में दर्ज सभी 37 मुकदमों में दाखिल चार्जशीट का न्यायालय ने संज्ञान ले लिया है और 20 मुकदमे ट्रायल पर पहुंच गए हैं। अब उनमें आरोप तय होने की प्रक्रिया बाकी है।
27/28 मई की रात लोधा के गांव करसुआ में जहरीली शराब से पहली मौत के बाद शुरू हुआ सिलसिला एक पखवाड़े तक चला और जिले के लोधा, जवां, टप्पल, पिसावा, खैर, क्वार्सी, महुआ खेड़ा, अकराबाद आदि थाना क्षेत्रों में कुल 109 लोगों की मौत हुई। शुक्रवार को इस कांड के 90 दिन पूरे हो गए। कानूनी पहलू से देखें तो किसी भी मुकदमे में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 90वें दिन तक चार्जशीट दाखिल करने का समय पुलिस के पास होता है।
मगर इस कांड में कार्रवाई की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहरीली शराब से मौतों, अवैध शराब फैक्टरी, अवैध शराब भंडारण आदि को लेकर दर्ज कुल 37 मुकदमों में चार्जशीट जुलाई के अंत तक दाखिल कर दी गई थीं। खुद एसएसपी संयुक्त निदेशक अभियोजन की मदद से लगातार प्रकरण की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। पुलिस के पैरोकारों की एक टीम भी काम कर रही है और सभी मुकदमों में न्यायालय में संज्ञान कराने की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है, जिनमें से 20 मुकदमे सत्र परीक्षण के लिए कमिट हो गए हैं और उनमें अब आरोप तय होने की प्रक्रिया के लिए तारीखें नियत की जा रही हैं। संकेत हैं कि आने वाले माह में आरोप तय होना शुरू कराकर कुछ मुकदमों में ट्रायल भी शुरू करा दिया जाएगा।
- प्रयास है कि जल्द से जल्द शराब कांड के कुछ प्रमुख मुकदमों में सजा कराई जाए। इसी प्रयास के तहत अभियोजन अधिकारियों से मिलकर लगातार पैरवी कराई जा रही है। अब तक दाखिल सभी चार्जशीट पर न्यायालय में संज्ञान ले लिया गया है और 20 मुकदमे कमिट होकर ट्रायल की दहलीज पर पहुंच गए हैं। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
माफिया रविंद्र के करीबी फैक्टरी संचालक को सशर्त जमानत
पुलिस की मजबूत पैरवी के बीच जहरीली शराब कांड के दौरान बरला में पकड़ी गई अवैध शराब फैक्टरी के संचालक पवन उर्फ चिंटू की सशर्त जमानत सत्र न्यायालय से मंजूर कर ली गई है। न्यायालय ने बाकायदा जमानत आदेश में पांच शर्तों का उल्लेख किया है, अगर आरोपी फैक्टरी संचालक ने शर्तों का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुलिस ने अकराबाद क्षेत्र में सबसे पहले अधौन में मुख्य शराब फैक्टरी पकड़ी थी। उसी क्रम में गांव दभी में शराब माफिया रविंद्र यादव द्वारा संचालित फैक्टरी पकड़ी थी। रविंद्र के बयानों व पूछताछ में बरला के गांव चांदगढ़ी में एक अन्य फैक्टरी उसके करीबी द्वारा संचालित किए जाने का खुलासा हुआ था। इसी क्रम में पुलिस ने 17 जून को चांदगढ़ी के पास रमेश के बंद ईंट भट्ठा से शराब फैक्टरी पकड़ी और मौके से गांव सुनहरा बरला के पवन उर्फ चिंटू को गिरफ्तार कर काफी माल जब्त किया था। उसका साथी लोकेश मौके से भागने में सफल रहा था। 18 जून को आरोपी पवन को जेल भेजा गया।
अब पवन के पैरोकारों की ओर से जमानत अर्जी सत्र न्यायालय में दायर की गई, जिसे न्यायालय ने स्वीकारते हुए पांच शर्तों सहित जमानत मंजूर की है। जिसमें उल्लेख है कि आरोपी जमानत मिलने के बाद विवेचना में सहयोग करेगा, नियत तिथियों पर न्यायालय में हाजिर होगा, न्यायालय में उपस्थित रहने पर वह स्थगन की मांग नहीं करेगा, अन्यथा न्यायालय स्तर से कार्रवाई होगी, अगर हाजिर न होने की दशा में उसके खिलाफ कुर्की नोटिस जारी होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, अगर न्यायालय में यह पाया गया कि वह जानबूझकर नहीं आ रहा तो कार्रवाई होगी। डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर ने जमानत मंजूर होने की पुष्टि की है। बता दें कि इस प्रकरण के दौरान हुई अवैध शराब से जुड़ी गिरफ्तारी में अब तक ज्यादातर जमानतें खारिज हुई हैं।
-ये हैं इस कांड के प्रमुख बिंदु --
- 28 मई की सुबह शुरू हुआ घटनाक्रम
- 109 लोगों की मौत जहरीली शराब से
- 37 मुकदमे मौत व शराब बरामदगी में दर्ज
- 88 से अधिक गिरफ्तारी इस कांड में हुईं
- 10 अवैध शराब फैक्टरी पकड़ी गईं
- 95 से अधिक विसरा रिपोर्ट कन्फर्म हुईं
- 66 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की
- 16 शराब माफिया घोषित किए गए
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