महानगर के सिविल लाइंस के मैरिस रोड चौराहे पर शुक्रवार देर रात हुई सनसनीखेज वारदात के मूल में जो भी रहा हो या हमलावर जो भी हों। मगर एक खास बात ये है कि पिता के साथ आखिरी समय तक रहा ढाई साल का मासूम अपने पिता की मौत से अंजान रहा। बेशक वह कार में सवार था। मगर उसे नहीं मालूम कि आखिर हुआ क्या? घटनास्थल से ही राहगीर उसे जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। बच्चे को इमरजेंसी के गेट पर कुर्सी पर बैठा दिया गया। वह वहां भी आराम से बैठा था। देर रात तक परिवार के सदस्य पहुंचे तब उसे अपने साथ लिया।
आखिर मैरिस रोड चौराहे पर क्यों रुका था कमाल
चार भाइयों में सबसे छोटे कमाल खां देर रात के समय अक्सर घूमने निकलते थे। रात वे अपने छोटे बेटे अबुजर को व पड़ोसी किशोर को साथ ले गए थे। पड़ोसी किशोर को साथ ले जाने का मकसद बच्चे को संभालना रहा था। मेडिकल कॉलेज में मौजूद पड़ोसी किशोर ने बताया कि देर रात घर से चलकर इधर उधर घूमते हुए हम लोग मैरिस रोड पर पहुंचे। वहां कमाल भाई ने क्यों गाड़ी रोकी थी। उन्हें नहीं पता। वे कार में अंदर ही बैठे थे। इसी बीच अचानक लालडिग्गी की ओर से एक कार आई और उसमें सवार युवकों ने उतरकर वहां मौजूद लोगों से झगड़ना शुरू कर दिया। इसी बीच अचानक हमारी ओर आकर कमाल भाई को बाहर खींचकर गोली मार दी।
चौराहे पर मौजूद पुलिस हमलावरों के पीछे दौड़ी
जिस वक्त ये घटना हुई, उस वक्त चौराहे पर पीआरवी खड़ी थी। उसमें पुलिसकर्मी मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने फायरिंग का शोर सुना तो वे हरकत में आए। पुलिस को देख हमलावर अपनी कार में सवार होकर लक्ष्मीबाई मार्ग की ओर से रामघाट रोड पर क्वार्सी की ओर भागे। इस पर पीआरवीकर्मी अपनी गाड़ी लेकर उनके पीछे दौड़े। इस बीच वायरलेस पर सूचना प्रसारित हो गई तो क्वार्सी पुलिस की जीप ने भी घेराबंदी का प्रयास किया। मगर हमलावर तेजी से निकल गए।
पशु व्यापारी पर थे तीन मुकदमे
इस घटना में दो महत्वपूर्ण तथ्य देर रात सामने आए हैं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार पशु व्यापारी पर देहली गेट थाने में 2016 व 2017 में तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। मारपीट आदि के ये मुकदमे हैं।
पिस्टल देख पीछे हटा स्कूटी सवार
प्रत्यक्षदर्शी स्कूटी सवार शहनवाज ने पुलिस को जानकारी दी है कि जब उससे कार सवारों का विवाद हुआ तो उसने उनकी ओवरस्पीड पर उन्हें रोका था। वे लक्ष्मीबाई मार्ग से लालडिग्गी की ओर चौराहे पर बिना रुके निकले थे। नशे में थे। वह खुद उनकी टक्कर से बचा। इस पर उन्हें इशारा देकर रोका तो उन्होंने झगड़ा करते हुए पिस्टल हाथ में ले ली। इस पर वह डर गया और पीछे हट गया। बाद में वे कुछ मिनट बाद ही वापस लौटे और उन्होंने फिर उसी स्पीड से गाड़ी चलाई। जैसे ही गाड़ी चौराहे पर आई तो कुछ लोगों से फिर उनका विवाद हुआ। इसी विवाद में उन्होंने यह हत्या की है।