फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व एएमयू छात्र शरजील उस्मानी भेजा गया जेल

Thu, 09 Jul 2020 09:09 PM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
एएमयू बवाल के आरोपी शरजील उस्मानी को कोर्ट से जेल ले जाते पुलिस कर्मी। - फोटो : Rupesh
विज्ञापन
सीएए-एनआरसी के विरोध में एएमयू में 15 दिसंबर की रात हुए बवाल के मुख्य आरोपी और मुख्य साजिशकर्ता एएमयू के पूर्व छात्र शरजील उस्मानी को बुधवार रात गिरफ्तारी के बाद बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया। शरजील पर यहां चार मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन


हालांकि, इनमें से तीन मुकदमों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है। अब उनमें गिरफ्तारी सूचना अदालत को भेजी जाएगी। एटीएस की मदद से आजमगढ़ से गिरफ्तारी के बाद दोपहर में उसे यहां सिविल लाइंस लाया गया और मेडिकल परीक्षण आदि की औपचारिकताओं के बाद कोर्ट में पेश कर जेल दाखिल कर दिया गया।


मूलरूप से आजमगढ़ के सदर कोतवाली क्षेत्र के गुलामी का पुरा आवास विकास कालोनी मकान नंबर 460 निवासी, हाल फ्लैट नंबर 20 सिल्वर स्टेट आशियाना ग्रीन मंजूर गढ़ी क्वार्सी निवासी शरजील उस्मानी पुत्र तारिक महमूद उस्मानी एएमयू से पढ़ाई छोड़ने के बाद भी यहां सक्रिय था।
विज्ञापन



इसी बीच उस पर दो मुकदमे छह दिसंबर को और दो मुकदमे 15 दिसंबर की रात की घटना के बाद दर्ज हुए। इस घटना की एसआईटी जांच में जब सीसीटीवी फुटेज व साक्ष्य संकलित किए गए तो पाया गया कि वह साजिश रचने वाले एक दर्जन छात्र नेताओं में मुख्य भूमिका में है। उस समय पुलिस ने इसे मुख्य साजिशकर्ताओं के रूप में सार्वजनिक किया था।


इसी बीच एएमयू में बिहार निवासी जेएनयू छात्र शरजील इमाम भाषण देकर गया तो पता चला कि उसे भी शरजील उस्मानी ही लेकर आया था। इसके बाद वह मुंबई आदि जगहों पर भाग गया। हालांकि, तभी से पुलिस पीछे लगी थी। इसी बीच एटीएस को इसके आजमगढ़ में होने की खबर लगी तो अलीगढ़ पुलिस को सूचना देकर उसे बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। इस सूचना पर यहां की टीम वहां रवाना हो गई और बृहस्पतिवार दोपहर यहां लाया गया। 

सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि चार मुकदमों में से तीन चार्जशीट हो चुके हैं, जबकि एक में विवेचना जारी है। फिलहाल कोर्ट में पेशी के बाद उसे अस्थायी जेल लोधा भेजा गया है। अब संबंधित मुकदमों में संबंधित न्यायालयों को गिरफ्तारी सूचना भी भेजी जाएगी। ताकि अदालत उन मुकदमों में इसे तलब कर सके।

अन्य प्रकरणों में समीक्षा के आधार पर होगा निर्णय
शरजील उस्मानी पर अन्य तमाम आरोप भी लगे हैं, जिनकी मौखिक व लिखित शिकायतें अधिकारियों से हुई हैं, जिनमें भाजपा प्रवक्ता डॉ.निशित की शिकायत, शरजील इमाम को अलीगढ़ लाने का आरोप आदि शामिल हैं। इनको लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामलों में समीक्षा के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।


गिरफ्तारी की खबर पर लामबंदी, शिकायत मानवाधिकार आयोग तक
जैसे ही शरजील उस्मानी गिरफ्तार किया गया तो यह खबर कुछ ही देर में देश दुनिया में उसके समर्थकों व छात्र नेताओं में पहुंच गई। एक तरफ तो पुलिस के जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारियों को फोन किए जाने लगे। जब सुबह तक कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली तो फिर मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की गई। मानवाधिकार आयोग ने भी स्थानीय अधिकारियों से अपडेट लिया। जब उन्हें बताया गया कि चार मुकदमों में वांछित है। वहां से गिरफ्तार कर लाया जा रहा है, तब जाकर समर्थकों को संतुष्टि हुई। 


- शरजील उस्मानी का गिरफ्तार होना आवश्यक था, भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए ये लोग खतरा हैं, 15 दिसंबर 2019 को पुलिस पर हमला करने के पश्चात सोशल मीडिया के माध्यम से शरजील उस्मानी द्वारा अरब देशों में रह रहे हिंदुओं को प्रताड़ित करने का कार्य भी किया गया था, मैंने अनेक बार अलीगढ़ पुलिस, मुख्यमंत्री व केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्राचार से शरजील उस्मानी की गतिविधियों के अवगत कराया था।   -डॉ. निशित शर्मा पूर्व प्रवक्ता भाजपा अलीगढ़

- इन मुकदमों में था वांछित, यह मुकदमों का स्टेटस--
- अपराध संख्या 682/19 धारा 153ए, 67 आईटी एक्ट सिविल लाइंस, 6 दिसंबर 2019 को देश के पूर्व गृह मंत्री लालकृष्ण आडवानी की फोटो गलत तरीके से फेसबुक पर अपलोड करने का आरोप। (विवेचना जारी)
- अपराध संख्या 697/19 धारा 147, 188, 153 ए सिविल लाइंस, 6 दिसंबर 2019 को ही एएमयू के कैनेडी ऑडिटोरियम में बाबरी मस्जिद के विषय में मीटिंग कर भावनाएं भड़काने का आरोप। (11 जून 2020 को चार्जशीट दायर)
- अपराध संख्या 703/19 धारा 147, 148, 149, 153, 188, 189, 332, 336, 307, 506, 7सीएलए, 3 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम सिविल लाइंस, 15 दिसंबर की शाम एएमयू बाब-ए-सैयद पर छात्रों को उकसाने, पुलिस-आरएएफ पर हमला करने, संपत्ति का नुकसान करने का आरोप। (12 मार्च 2020 और 6 जून 2020 को दो पार्ट में चार्जशीट दायर)
- अपराध संख्या 704/19 धारा 353, 332 व 7सीएलए सिविल लाइंस, हमलावर छात्रों को रोकने में जुटे दरोगा से मारपीट आदि करने का आरोप। (12 मार्च 2020 और 6 जून 2020 को दो पार्ट में चार्जशीट दायर)
- विशेष:-देश को विभाजित करने वाला बयान देने के चलते पहले दिल्ली और अब गुवाहाटी जेल में निरुद्ध बिहार निवासी जेएनयू छात्र शरजील इमाम को एएमयू में लाकर छात्रों के धरने में विवादित भाषण दिलवाने का भी आरोप।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें