क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
जम्मू कश्मीर में सेना के हाथों मारे गया हिजबुल कमांडर और एएमयू का पूर्व छात्र मन्नान वानी अलीगढ़ पुलिस की फाइलों में गुमशुदा के रूप में दर्ज है। नौ महीने पहले उसके विश्वविद्यालय से अचानक लापता हो जाने के बाद एएमयू इंतजामिया की ओर से थाना सिविल लाइन में उसकी गुमशुदी दर्ज करायी गई थी।
थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर विनोद कुमार बताते हैं कि जनवरी महीने में एएमयू के हबीब हाल के प्रोवोस्ट की ओर से उसकी गुमशुदी की तहरीर दी गई थी। जिसमें कहा गया था कि दो जनवरी 2018 से उसे देखा नहीं गया है। जिसके आधार पर थाने में गुमशुदी दर्ज की गई थी।
मन्नान वानी के अचानक से एएमयू हास्टल से लापता होने और सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन से जुड़ने की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले उसके गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करायी गई और कमरे को सील किया गया। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों के तलाशी और उसके नंबरों की छानबीन करने पर भी कुछ खास तथ्य हासिल नहीं हुए।
इसका मतलब यह लगाया गया था कि कैंपस छोड़ने से पहले मन्नान ने अपनी पिछली जिंदगी का हर नाम ओ निशा मिटा डाला था। एक बार कैंपस छोड़ने के बाद मन्नान का अलीगढ़ में कुछ सुराग नहीं लगा था। अलीगढ़ पुलिस, खुफिया एजेंसियों आदि ने मन्नान के साथ पढ़ने वाले अन्य छात्र, संपर्क रखने वालों आदि से पूछताछ कर ली थी लेकिन उसने जाने से पहले किसी को कुछ भी ऐसा संकेत नहीं दिया था कि वह कहां जा रहा है।
यह भी बात निकल कर आई थी कि चूंकि उसकी फोन काल रिकार्ड से भी कोई संकेत नहीं मिल रहा था जिससे पता लगा कि वह नेट कालिंग के माध्यम से आतंकी संगठनों के संपर्क में था। अब ताजा घटना क्रम के बाद पुलिस जम्मू कश्मीर से दर्ज रिपोर्ट की प्रति मंगवाएगी और जिसके आधार पर इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट लग जाएगी।