क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के सिविल लाइंस इलाके में 14 साल पहले हुई हत्या के मामले के नेपाल के आरोपी को पुलिस जिंदा या मुर्दा तलाशेगी। हाईकोर्ट ने उसकी खोज के लिए पुलिस को दो माह का समय दिया है। पुलिस आरोपी सुरेश पुत्र किशन बहादुर की तलाश के लिए एनसीआरबी और एससीआरबी की मदद ले रही है। दस साल में इस हुलिया के लोगों के मिले शवों का ब्योरा पूछा जा रहा है। सोमवार को मामले में एसएसपी की हाईकोर्ट में पेशी हुई थी।
सन् 2004 में सिविल लाइन के फ्रेंड्स कॉलोनी में एक चार साल के बच्चे की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सुरेश पुत्र किशन बहादुर निवासी बुटटकुआ, थाना बोनिया जिला कैलाली नेपाल को आरोपी बनाया गया था। 2009 में आरोपी को सत्र न्यायालय से साक्ष्यों की कमी के आधार पर बरी कर दिया गया था।
कुछ दिन बाद ही सरकारी पक्ष की ओर से दोषमुक्त आदेश के खिलाफ मामला हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने आरोपी को खोजकर लाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए। लेकिन हाजिर नहीं होने पर दिसंबर 2016 में अदालत ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
कोर्ट के इस आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस उसे तलाश रही है। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस दो बार नेपाल हो आई। फिर भी सुरेश के न मिलने पर उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
सोमवार को हाईकोर्ट में एसएसपी राजेश पांडेय की पेशी हुई। एसएसपी ने कोर्ट से समय मांगा। इस पर उन्हें दो माह का समय दिया गया है। अब पुलिस इतने समय में नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो और स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो से 10 साल में सुरेश के मिलते हुलिये के शवों का ब्योरा मांग रही है। ताकि उसके जिंदा मुर्दा होने का साक्ष्य जुटाया जा सके। अगर आरोपी की मौत हुई होगी तो पुलिस उस साक्ष्य को कोर्ट में पेश करेगी।