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देखो मेरे हाथ में हथियार है और जान दे दूंगा

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अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
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देखो मेरे हाथ में हथियार है और में जान दे दूंगा। फोन पर इतना बतियाते-बतियाते रोहित ने पहले धमकाने के इरादे से एक हवाई फायर किया और इसके बाद फिर से तमंचा लोड कर खुद को गोली मार ली।

अब वह किससे बातें कर रहा था, किसको इस तरह धमका रहा था। इन सवालों के जवाब खोजने में पुलिस जुट गई है। इन सवालों का सबसे पहला जवाब मोबाइल है। जिसकी मदद से वह बातें कर रहा था और उसी के जरिये सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, ट्विटर व व्हाट्सएप तक से जुड़ा था।
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मगर मोबाइल में पैटर्न लॉक ने पुलिस काम बढ़ा दिया है। अब पहले पुलिस पैटर्न लॉक खुलवाएगी। इसके बाद युवक के सुरागों व कनेक्शनों तक पहुंच सकेगी। वहीं पुलिस को परिवार के आने का भी इंतजार है।

पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि रोहित बेशक बिजनौर का रहने वाला है, मगर जब वह ढाई माह का था, तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई। इसके बाद रोहित व उसके अन्य भाइयों का मां के साथ मामा की देखरेख में लालन-पालन हुआ।

तीन भाइयों में सबसे बड़ा एमबीए करने के बाद दिल्ली में जॉब तलाश रहा है, जबकि रोहित व उससे बड़ा हरिद्वार में एकसाथ नौकरी करते थे। यह छह दिन पहले बेशक बरेली किसी दोस्त के यहां आने और वहां से मथुरा आने की बात कहकर आया था।

यह भी कहा था कि दो-एक दिन देरी हो जाए तो परेशान न हों। मगर अब उसकी बातों पर परिवार या पुलिस को भरोसा नहीं है। अब तमाम बातों की सच्चाई जानने के लिए पुलिस एएमयू के सीसीटीवी, फेसबुक, मोबाइल कॉल डिटेल आदि के सहारे आगे बढ़ रही है।

एंट्री अकेले, पर वो एएमयू छात्रा तो नहीं
वेलेंटाइन डे से एक दिन पहले इस तरह युवक द्वारा फोन पर बात करते-करते सुसाइड को सीधे-सीधे पुलिस इकतरफा प्यार में यहां तक आने और फिर बात पूरी न होने पर सुसाइड करने से जोड़कर देख रही है।

वहीं कैंपस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने पर पता चला कि युवक करीब डेढ़ बजे पुरानी चुंगी वाले गेट से एएमयू में अकेले दाखिल हुआ है। इसके बाद आगे तक भी सीसीटीवी में वह अकेले ही घूमते देखा गया है। उसके आसपास भी कोई नहीं है, मगर कुछ लोग एक युवती के होने की बात कह रहे हैं।

कहा जा रहा है कि उसके आगे पीछे एक युवती भी घूमते देखी गई है। मगर इसकी पुष्टि नहीं हुई। साथ ही चर्चा है कि चाहे आगे पीछे थी या वह फोन पर थी, कहीं वह कोई एएमयू छात्रा तो नहीं। अगर है तो वह या तो बिजनौर, हरिद्वार से होगी। या फिर फेसबुक आदि के जरिये जुड़ी होगी।

यह मिला बैग में
युवक के बैग में पावर बैंक, चार्जर, कंघा, एटीएम, पैंट, टैबलेट, बैग एवं मिस फायर कारतूस, अन्य कपड़े आदि सामान मिला है।

-अभी कुछ भी कह पाना बेहद जल्दबाजी है। मगर जिस तरह के साक्ष्य मिले हैं और बन रहे हैं, उनसे इशारा एक ही तरफ जा रहा है कि यह सुसाइड कहीं इकतरफा प्यार में तो नहीं। मगर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
-संजीव दीक्षित, सीओ तृतीय

छात्र की मौत के शोर पर एएमयू में भगदड़
एएमयू कैंपस में बिजनौर के युवक रोहित कुमार की आत्महत्या से खलबली मच गई है। मौका-ए-वारदात का नजारा देखकर पत्थरदिल भी कांप उठे। यह भी सवाल उठने लगा है कि एएमयू के कड़े सुरक्षा इंतजामों के दावों के बीच कट्टे के साथ युवक कैंपस में कैसे पहुंच गया और सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे।

रोहित की लाश सड़क पटरी पर पड़ी थी। सिर में गोली लगने से मांस के लोथड़े निकल कर उसके लहूलुहान शरीर के आसपास बिखरे पड़े थे। गोली की आवाज सुन व युवक द्वारा आत्महत्या की खबर पर मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य आनन-फानन युवक को गाड़ी में लादकर मेडिकल कॉलेज ले गए।

उस समय तक सभी यही समझ रहे थे कि युवक एएमयू छात्र है। एएमयू इंतजामिया और पुलिस में छात्रों के भड़कने का डर दिख रहा था। तत्काल प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान, डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. मुहम्मद अहमद, एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन सहित काफी संख्या में छात्र जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सोशल मीडिया में भी युवक की तस्वीर व घटना से संबंधित जानकारी वायरल हो गई।

युवक की पहचान के बाद अधिकारी सामान्य हुए। एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। युवक रोहित कुमार के परिजनों को सूचित कर दिया है। हालांकि इस घटना के बाद कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अवकाश के कारण कैंपस में था सन्नाटा
जिस स्थल पर बिजनौर के युवक रोहित कुमार की लाश पड़ी थी, वह कैंपस का हार्ट पैलेस है। चुंगी से बाब-ए-सैयद तक जाने वाली सड़क पर हमेशा वाहन गुजरते रहते हैं। घटना स्थल डक प्वाइंट एवं जंतु विज्ञान विभाग के बीच की है। वहां से 500 मीटर की परिधि में इंजीनियरिंग कॉलेज, आर्ट गैलरी, आर्ट्स एवं सोशल साइंस ब्लॉक, सीईसी, मौलाना आजाद लाइब्रेरी, भूगर्भ विज्ञान विभाग, रसायन विभाग, कंप्यूटर साइंस विभाग, भौतिकी विभाग आदि हैं। एएमयू छात्र आलमगीर को जिस स्थल पर गोलियों से भून दिया गया था, वह भी वर्तमान घटना स्थल से 100 मीटर के करीब है। मंगलवार को महाशिव रात्रि का अवकाश होने के कारण कैंपस में सन्नाटा पसरा हुआ था।
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एनआरआई छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
पिछले साल एएमयू के सुलेमान हॉल की छत पर इंजीनियरिंग कॉलेज के एक एनआरआई छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। कुछ लोग उसे आत्महत्या करार दे रहे थे जबकि छात्र के परिजनों ने आत्महत्या पर संदेह व्यक्त किया था। पिछले साल सर जियाउद्दीन हॉल में भी एक छात्र की संदिग्ध मौत हुई थी। हालांकि बाद में उसे आत्महत्या बताया गया। एमएम हॉल में भी एक छात्र द्वारा आत्म हत्या का मामला कुछ वर्ष पहले प्रकाश में आया था। उससे पूर्व एक विभाग के सामने पूर्व छात्र द्वारा स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या की गई थी। उसके पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया था। रोहित कुमार के मामले में भी प्रेम प्रसंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
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