अरे दूध में तो मलाई नहीं पड़ी, सिंथेटिक है क्या
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
मिलावटी दूध के मामले में कुख्यात अलीगढ़ शहर में सरकारी पराग डेयरी पर मिलने वाले दूध को अमूमन शुद्ध माना जाता है। आम धारणा है कि रामघाट रोड स्थित डेयरी के पार्लर से आंख मूंद कर दूध लिया जा सकता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से दूध की क्वालिटी संदेह के दायरे में आती नजर आ रही है।
बिना पानी मिलाए दूध गर्म करने पर अपेक्षित मलाई नहीं पड़ रही है और दूध की ऊपरी सतह पर घी जैसा तैरता नजर आ रहा है। जैसा आमतौर पर मिलावटी दूध में होता है।
हालांकि डेयरी प्रबंधन मिलावट की किसी भी आशंका से इंकार कर रहा है। विपणन प्रभारी जेपी गोस्वामी ने कहा कि इस समय गांवों से दूध प्रचुर मात्रा में मिल रहा है।
इस वजह से खुले दूध के दाम भी घटाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिए गए हैं। डेयरी का दूध कलेक्शन भी प्रतिदिन आठ से साढ़े आठ सौ लीटर है। ऐसे में मिलावट की संभावना नहीं बचती। गर्मियों में ऐसी शिकायत होती तो माना जा सकता था।
दूध की दो स्तरों पर जांच भी होती है। बहरहाल शिकायत मिली है तो वे सैंपलिंग कर जांच कराएंगे। मिलावट मिली तो संबंधित कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ग्राहकों के आरोप
- पराग डेयरी का दूध हमेशा शुद्ध माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से खुले दूध में शिकायत आ रही है। न तो इसमें ठीक से मलाई पड़ रही है और स्वाद भी कुछ अलग है।
एससी अग्रवाल, निवासी विक्रम कॉलोनी
दूध की चेकिंग प्रक्रिया
-गांवों से कलेक्शन सेंटरों पर आए दूध में से रेंडमली सैंपल लेकर उसकी गर्बर टेस्टिंग मशीन से फैट एवं एसएनएफ की जांच होती है। इसके बाद नरौना बीएमसी एवं रामघाट रोड स्थित बीएमसी पर रेंडमली सैंपलों की जांच की जाती है। इसके बाद यह दूध पाश्चराइजेशन के लिए भेजा जाता है। ठंडा होने के बाद इसे बिक्री के लिए भेजा जाता है।