मतदाता सूची से नाम गायब होने के मुद्दे को गरमाने की तैयारी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
निकाय चुनाव में करीब 90 हजार से अधिक मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से गायब होने का मामला गरमाने की तैयारी है। आरोप लग रहा है कि कट्टी घर लॉबी से सांठ-गांठ कर कुछ अधिकारियों ने चुनाव के पहले ही भाजपा के मेयर प्रत्याशी को हराने का षड्यंत्र कर दिया। भाजपा नेता 2007 एवं 2012 के निकाय चुनाव के मतदाता सूची का गंभीरता से अध्ययन कर रहे हैं।
निकाय चुनाव 26 नवंबर को संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। परिवार के सदस्यों की कौन कहे अपार्टमेंट एवं मोहल्ले तक मतदाता सूची से गायब थे। अनुमानित तौर पर करीब 90 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब थे। यह महानगर के कुछ मतों की संख्या का 12 प्रतिशत से अधिक है।
यानी चुनाव में बड़ी संख्या में लोग अपने मतदान के अधिकार से वंचित रह गए। मतगणना के पहले भाजपा महानगर के महामंत्री मानव महाजन ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना था कि यह लोकतंत्र की हत्या है। चुनाव परिणाम आने और भाजपा प्रत्याशी डॉ. राजीव अग्रवाल की पराजय के बाद यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
रविवार को एबीवीपी द्वारा इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन का पुतला फूंका गया। अब यह आरोप लग रहा है कि कट्टी घर लॉबी ने अधिकारियों से साथ सांठगांठ कर भाजपा प्रत्याशी को हराने का षड्यंत्र किया। भाजपा प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान हर जगह इस बात का उल्लेख करते थे कि उनका दामन मोदी एवं योगी की तरह साफ है। वह न खाएंगे और न किसी को खाने देंगे।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत कहते है कि महामंत्री मानव महाजन द्वारा चुनाव परिणाम आने के पहले ही थाने में तहरीर दी गई थी। वह कुछ लोगों को वर्ष 2007 एवं 2012 के मतदाता सूची के अध्ययन के लिए लगाए है। यह गंभीर मामला है। चाहे जो भी दोषी हो, उसे नहीं बख्शा जाएगा। वहीं कुछ लोग इस मामले को कोर्ट में ले जाने की भी तैयारी में है। भाजपा नेता सौरभ अग्रवाल सिक्ससंस ने तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री आदि को पत्र लिखकर हार के कारणों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।