फास्ट ट्रैक की तर्ज पर ट्रायल दो वर्ष में सजा
एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार, इस मुकदमे का ट्रायल फास्ट ट्रैक की तर्ज पर चला है। दो वर्ष में सजा सुनाई गई है। सभी गवाहों को जल्द से जल्द गवाही के लिए तलब किया गया और साक्ष्य भी पेश कराए गए।
मारपीट में किशोरी की आईं थी गंभीर चोटें
इस मामले में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की ओर से किशोरी को आईं चोटों का उल्लेख किया गया। उसके कान के पास, सिर पर गंभीर चोटें बताईं। इन्हीं चोटों व सदमे से मौत होने का उल्लेख किया गया। इस पर अदालत में अभियोजन के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी इस कदर आक्रामक हुए कि मामूली से झगड़े में किशोरी की जान ले ली। इसलिए अधिक से अधिक सजा की अपील की गई। आरोपी दंपती की ओर से खुद के चार बच्चों का हवाला देकर व आरोपी पिता की उम्र का हवाला देकर राहत मांगी। मगर अदालत ने किशोरी की मौत के दोष में चारों को सजा सुनाई।