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Aligarh News: मामूली झगड़े में किशोरी की हुई बेरहम पिटाई, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, मामले में चोर दोषियों को उम्रकैद

Thu, 09 Jun 2022 11:04 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ में एडीजे-तृतीय राजेश भारद्वाज की अदालत ने एक झगड़े में किशोरी की निर्मम हत्या के चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ के लोधा क्षेत्र के गांव हरिदासपुर में नशे में अभद्रता के विरोध में हुए झगड़े में किशोरी की निर्मम हत्या के चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-तृतीय राजेश भारद्वाज की अदालत से सुनाया गया है।

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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी कृष्ण मुरारी जौहरी के अनुसार घटना 29 अगस्त 2020 की रात करीब सवा आठ बजे की है। वादिनी ममता मिश्रा द्वारा 30 अगस्त को लोधा थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया कि वह मूल रूप से सारसौल की रहने वाली है। हरिदासपुर में रहकर चाय-परचून की दुकान चलाती है और बच्चों को पालती है। घटना के समय वह अपने छोटे बेटे प्रांशु के साथ दुकान पर बैठी थी। तभी गांव का राजू शराब के नशे में धुत होकर आया और अभद्रता करने लगा। विरोध करने पर उसने मारपीट शुरू कर दी।

इसी बीच शोर-शराबे पर राजू की पत्नी, पिता व पड़ोसी आदि आ गए। इस दौरान बेटे प्रांशु ने घर पर फोन कर दिया तो बेटे गौरव, विकास व 16 वर्षीय बेटी शिखा भी आ गए। हमलावरों ने सभी को लाठी-डंडों, फरसा व फावड़ा से बेरहमी से पीटा। इस दौरान सिर, कान के पास आदि जगहों पर गंभीर चोट लगने से शिखा जख्मी हो गई। जिसे जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने राजू, उसकी पत्नी पूनम, पिता भूप सिंह, पड़ोसी गंगाराम उर्फ करुआ को नामजद किया। चारों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा व 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। राजू पर अभद्रता व छेड़खानी की धारा में पांच हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना निर्धारित किया है।

फास्ट ट्रैक की तर्ज पर ट्रायल दो वर्ष में सजा
एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार, इस मुकदमे का ट्रायल फास्ट ट्रैक की तर्ज पर चला है। दो वर्ष में सजा सुनाई गई है। सभी गवाहों को जल्द से जल्द गवाही के लिए तलब किया गया और साक्ष्य भी पेश कराए गए।
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मारपीट में किशोरी की आईं थी गंभीर चोटें
इस मामले में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की ओर से किशोरी को आईं चोटों का उल्लेख किया गया। उसके कान के पास, सिर पर गंभीर चोटें बताईं। इन्हीं चोटों व सदमे से मौत होने का उल्लेख किया गया। इस पर अदालत में अभियोजन के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी इस कदर आक्रामक हुए कि मामूली से झगड़े में किशोरी की जान ले ली। इसलिए अधिक से अधिक सजा की अपील की गई। आरोपी दंपती की ओर से खुद के चार बच्चों का हवाला देकर व आरोपी पिता की उम्र का हवाला देकर राहत मांगी। मगर अदालत ने किशोरी की मौत के दोष में चारों को सजा सुनाई।
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