फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आस्था पर आपत्तिजनक टिप्पणी: हिंदू महासभा की अन्नपूर्णा बोलीं- जुमे की नमाज के नाम पर भीड़ पर लगे रोक, लिखा खून से ज्ञापन

Mon, 06 Jun 2022 04:49 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव अन्नपूर्णा भारती ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है। जिसमें कहा है कि भारत के इतिहास में अब तक हिंदुओं के जितने भी कत्लेआम हुए हैं, लगभग सभी जुमे की नमाज के बाद हुए। उन्होंने मांग की है कि नमाज के नाम पर जो भीड़ होती है, उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपती हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव अन्नपूर्णा भारती - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती (डॉ. पूजा शकुन पाण्डेय ) ने अपने खून से ज्ञापन लिख राष्ट्रपति को भेजा है। जिसमें मांग की है कि भारत में जुमे के दिन नमाज के नाम पर जो भीड़ होती है, उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आए दिन अखबारों में देखने को मिलता है कि जुमे की नमाज को लेकर तनाव हुआ।

विज्ञापन


डा. अन्नपूर्णा भारती ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है। जिसमें कहा है कि भारत के इतिहास में अब तक हिंदुओं के जितने भी कत्लेआम हुए हैं, लगभग सभी जुमे की नमाज के बाद हुए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा 16 अगस्त  1946 को मुस्लिम लीग के नेता सोहरवर्गी ने जुमे की नमाज के बाद हिंदुओं के कत्लेआम की घोषणा की। भारत में डायरेक्ट एक्शन के नाम पर 11 अक्टूबर सन 1946 को जुमे की नमाज के बाद नोआखाली में 50,000 से ज्यादा हिंदुओं का कत्लेआम हुआ।

डॉ. अन्नपूर्णा भारती - फोटो : वीडियो ग्रैब
25 अक्टूबर सन 1946 जुमे की नमाज के बाद बिहार के मुंगेर सहित दर्जनों इलाकों में 10,000 से ज्यादा हिंदू मारे गए। 25 अक्टूबर 1989 को जुमे की नमाज के बाद आजाद भारत का सबसे बड़ा कत्लेआम हुआ, जिसमें भागलपुर बिहार में 10,000 से ज्यादा हिंदू मारे गए। 19 जनवरी सन 1990 जुमे की नमाज के बाद कश्मीर में हिंदुओं का कत्लेआम चालू हुआ, इसमें पांच लाख से अधिक हिंदुओं का पलायन हुआ। दो मई सन 2003 केरल के काशीपुर में जुमे की नमाज के बाद हिंदुओं पर हमला किया गया, इसमें सैकड़ों दुकानें जलाई गई और दर्जनों हिंदुओं की हत्या हुई। सात सितंबर 2012 जुमे की नमाज के बाद मुंबई के आजाद मैदान में उपद्रव हुआ और कई पुलिसवाले घायल हुए साथ ही कई हिंदुओं की दुकानें, मकान व गाड़ियां फूंक दीं गईं।

खून से लिखकर भेजा गया ज्ञापन - फोटो : वीडियो ग्रैब
उन्होंने कहा है कि ऐसे हजारों उदाहरण है। साथ ही बताया है कि सात सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर में हुए दंगे में भी जुमे की नमाज के बाद हिंदुओं का कत्लेआम की घोषणा हुई और महापंचायत से लौट रहे हिंदुओं का बेरहमी से कत्ल हुआ, इस घटना में सैकड़ों की संख्या में लोग मारे गए। 11 अप्रैल 2017 को अलीगढ़ में जुमे की नमाज के बाद उपद्रव हुआ, जिसमें सीईओ विशाल पाण्डेय सहित कई पुलिसवाले घायल हुए और अभी हाल ही में जुमे की नमाज के बाद तीन जून को कानपुर में उपद्रव हुआ। जिसमें हिंदुओं की दुकानें व मकान लूटे गए और कई लोग घायल हुए। ऐसे हजारों दंगे भारत में जुमे की नमाज के बाद हुए हैं और हिंदुओं का कत्लेआम हुआ।

उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर राष्ट्रपति से मांग की है कि जुमे की नमाज के नाम पर जमा हो रही उपद्रवियों की भीड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मस्जिद में जुमे के दिन छोटी मस्जिदों में 10 और बड़ी मस्जिद में 25 से 50 लोगों से अधिक होने की अनुमति न दी जाए।

कहा है कि जुमे की नमाज कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर रही है। उन्होंने कहा है कि इबादत से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन वह कौन सी आदत है जिसको करने के बाद भीड़ हाथों में हथियार लेकर नंगा नाच करती है, लूट-मार करती है। ऐसी इबादत पर प्रतिबंध लगाने और जिन मस्जिद से निकलकर लोगों ने उत्पात किया है, उन पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि जिन मौलानाओं की तकरीर के बाद दंगा होता है, ऐसे मौलानाओं को जेल में डाल देना चाहिए। डा. अन्नपूर्णा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन को एसीएम प्रथम को सौंपा है। साथ ही इस दौरान कई हिंदू महासभा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन

एसीएम बोले, जिलाधिकारी के माध्यम से पहुंचा दिया जाएगा ज्ञापन
एसीएम केपी सिंह ने बताया कि हिंदू महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें