डॉ. अन्नपूर्णा भारती
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25 अक्टूबर सन 1946 जुमे की नमाज के बाद बिहार के मुंगेर सहित दर्जनों इलाकों में 10,000 से ज्यादा हिंदू मारे गए। 25 अक्टूबर 1989 को जुमे की नमाज के बाद आजाद भारत का सबसे बड़ा कत्लेआम हुआ, जिसमें भागलपुर बिहार में 10,000 से ज्यादा हिंदू मारे गए। 19 जनवरी सन 1990 जुमे की नमाज के बाद कश्मीर में हिंदुओं का कत्लेआम चालू हुआ, इसमें पांच लाख से अधिक हिंदुओं का पलायन हुआ। दो मई सन 2003 केरल के काशीपुर में जुमे की नमाज के बाद हिंदुओं पर हमला किया गया, इसमें सैकड़ों दुकानें जलाई गई और दर्जनों हिंदुओं की हत्या हुई। सात सितंबर 2012 जुमे की नमाज के बाद मुंबई के आजाद मैदान में उपद्रव हुआ और कई पुलिसवाले घायल हुए साथ ही कई हिंदुओं की दुकानें, मकान व गाड़ियां फूंक दीं गईं।
खून से लिखकर भेजा गया ज्ञापन
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उन्होंने कहा है कि ऐसे हजारों उदाहरण है। साथ ही बताया है कि सात सितंबर 2013 में मुजफ्फरनगर में हुए दंगे में भी जुमे की नमाज के बाद हिंदुओं का कत्लेआम की घोषणा हुई और महापंचायत से लौट रहे हिंदुओं का बेरहमी से कत्ल हुआ, इस घटना में सैकड़ों की संख्या में लोग मारे गए। 11 अप्रैल 2017 को अलीगढ़ में जुमे की नमाज के बाद उपद्रव हुआ, जिसमें सीईओ विशाल पाण्डेय सहित कई पुलिसवाले घायल हुए और अभी हाल ही में जुमे की नमाज के बाद तीन जून को कानपुर में उपद्रव हुआ। जिसमें हिंदुओं की दुकानें व मकान लूटे गए और कई लोग घायल हुए। ऐसे हजारों दंगे भारत में जुमे की नमाज के बाद हुए हैं और हिंदुओं का कत्लेआम हुआ।
उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर राष्ट्रपति से मांग की है कि जुमे की नमाज के नाम पर जमा हो रही उपद्रवियों की भीड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मस्जिद में जुमे के दिन छोटी मस्जिदों में 10 और बड़ी मस्जिद में 25 से 50 लोगों से अधिक होने की अनुमति न दी जाए।
कहा है कि जुमे की नमाज कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर रही है। उन्होंने कहा है कि इबादत से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन वह कौन सी आदत है जिसको करने के बाद भीड़ हाथों में हथियार लेकर नंगा नाच करती है, लूट-मार करती है। ऐसी इबादत पर प्रतिबंध लगाने और जिन मस्जिद से निकलकर लोगों ने उत्पात किया है, उन पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि जिन मौलानाओं की तकरीर के बाद दंगा होता है, ऐसे मौलानाओं को जेल में डाल देना चाहिए। डा. अन्नपूर्णा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन को एसीएम प्रथम को सौंपा है। साथ ही इस दौरान कई हिंदू महासभा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एसीएम बोले, जिलाधिकारी के माध्यम से पहुंचा दिया जाएगा ज्ञापन
एसीएम केपी सिंह ने बताया कि हिंदू महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पहुंचा दिया जाएगा।