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शिलापट्टिका पर नाम: आंगनबाड़ी केंद्रों के शिलान्यास के बाद हुआ विवाद, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने मढ़ा आरोप

Tue, 19 Sep 2023 10:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

बाल विकास विभाग (आंगनबाड़ी विभाग) व पंचायत विभाग की ओर से ब्लॉक परिसर में संयुक्त आयोजन था। जिसमें विधायक राजकुमार सहयोगी व बीडीओ जितेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री आवास के चार लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इसके साथ ही चार महिलाओं की गोदभराई बाल विकास विभाग की ओर से कराई गई। वहीं ब्लॉक में बनने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य की शिलापट्टिका का अनावरण भी किया।
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प्रमाणपत्र देते विधायक राजकुमार सहयोगी साथ में बीडीओ जितेन्द्र कुमार - फोटो : आयोजक
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विस्तार
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अलीगढ़ के इगलास ब्लॉक मुख्यालय परिसर में मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम में शिलापट्टिका पर नाम विवाद का कारण बन गया। कार्यक्रम के बाद क्षेत्रीय भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश सचिव अरुण फौजी में विवाद हो गया। दोनों में कहासुनी के बीच गाली-गलौज हो गई। नौबत हाथापाई की बनी, मगर किसी तरह विवाद शांत हो गया। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ने विधायक पर गंभीर अभद्रता का आरोप लगाते हुए शिकायत की बात कही है। वहीं विधायक ने आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

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बाल विकास विभाग (आंगनबाड़ी विभाग) व पंचायत विभाग की ओर से ब्लॉक परिसर में संयुक्त आयोजन था। जिसमें विधायक राजकुमार सहयोगी व बीडीओ जितेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री आवास के चार लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इसके साथ ही चार महिलाओं की गोदभराई बाल विकास विभाग की ओर से कराई गई। वहीं ब्लॉक में बनने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य की शिलापट्टिका का अनावरण भी किया। चूंकि आयोजन ब्लॉक परिसर में था, मगर आयोजन में उस समय तक ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एससी मोर्चा के प्रदेश सचिव अरुण फौजी नहीं थे।

कार्यक्रम के बाद विधायक बीडीओ-ब्लॉक प्रमुख कक्ष की ओर पहुंचे तो वहां उन्हें अरुण फौजी मिल गए। प्रमुख प्रतिनिधि का आरोप है कि विधायक ने उन्हें देखते ही कहा कि तुम आयोजन में क्यों नहीं शामिल हुए। इस पर अरुण फौजी ने जवाब दिया कि आपने सूचना ही नहीं दी। आरोप है कि बस इसी बात पर विधायक ने गाली देना शुरू कर दिया और यहां तक कहा कि कुर्सी पर कैसे बैठा है। 
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कुर्सी से हटकर नीचे बैठने के लिए कह दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान अरुण फौजी ने भी गाली दी तो हाथापाई की नौबत बनी। मगर कुछ सोचकर विधायक शांत हुए वहां से बीडीओ कक्ष में चले गए। इस दौरान मौजूद प्रधान व कर्मचारी तितर-बितर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फिर विधायक घंटों तक वहां बैठे रहे। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इस तर्क के साथ ब्लॉक प्रमुख कार्यालय में ताला डलवा दिया गया कि यहां प्रमुख तो बैठती ही नहीं हैं। यह मामला खासा चर्चाओं में है। 

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रोते हुए बोले अरुण फौजी

ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अरुण फौजी ने रोते हुए बताया कि शिला पट्टिकाओं पर विधायक के साथ-साथ क्षेत्रीय सांसद राजवीर दिलेर का भी नाम था। जिसे देखकर विधायक बिफर गए। पहले उन्होंने विभागीय जेई को इस बात पर जमकर धमकाया और गाली-गलौज की। फिर मेरे कार्यालय में आकर मुझसे बेहद अभद्रता की और गाली देते हुए कुर्सी से नीचे तक बैठने को कहा। इस बेइज्जती से तो मर जाना अच्छा है। वे मामले में शिकायत करेंगे। हालांकि उन्होंने हाथापाई की बात से इंकार किया है।

विधायक ने नकारे आरोप
विधायक राजकुमार सहयोगी ने कहा है कि शिलापट्टिका पर ब्लाक प्रमुख का नाम न होने से अरुण फौजी बौखलाए हैं। उनका किसी तरह का किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। इसे लेकर उन्होंने खुद की व सीडीपीओ की बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल किया है। जिसमें विधायक उनसे सवाल करते हुए जवाब मांग रहे हैं कि हमारा कहीं किसी से कोई विवाद हुआ था क्या। 

सुर्खियों में आया गोंडा थाना प्रकरण
मंगलवार को हुए इस प्रकरण के बाद विधायक राजकुमार सहयोगी से जुड़ा पिछले कार्यकाल का गोंडा थाने का प्रकरण फिर सुर्खियों में आ गया है। जिसमें उनका तत्कालीन थाना प्रभारी से थाने में विवाद हुआ था। मामला प्रदेश स्तर पर तूल पकड़ा था और थानेदार पर कार्रवाई हुई थी।
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