ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अरुण फौजी ने रोते हुए बताया कि शिला पट्टिकाओं पर विधायक के साथ-साथ क्षेत्रीय सांसद राजवीर दिलेर का भी नाम था। जिसे देखकर विधायक बिफर गए। पहले उन्होंने विभागीय जेई को इस बात पर जमकर धमकाया और गाली-गलौज की। फिर मेरे कार्यालय में आकर मुझसे बेहद अभद्रता की और गाली देते हुए कुर्सी से नीचे तक बैठने को कहा। इस बेइज्जती से तो मर जाना अच्छा है। वे मामले में शिकायत करेंगे। हालांकि उन्होंने हाथापाई की बात से इंकार किया है।
विधायक ने नकारे आरोप
विधायक राजकुमार सहयोगी ने कहा है कि शिलापट्टिका पर ब्लाक प्रमुख का नाम न होने से अरुण फौजी बौखलाए हैं। उनका किसी तरह का किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। इसे लेकर उन्होंने खुद की व सीडीपीओ की बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल किया है। जिसमें विधायक उनसे सवाल करते हुए जवाब मांग रहे हैं कि हमारा कहीं किसी से कोई विवाद हुआ था क्या।
सुर्खियों में आया गोंडा थाना प्रकरण
मंगलवार को हुए इस प्रकरण के बाद विधायक राजकुमार सहयोगी से जुड़ा पिछले कार्यकाल का गोंडा थाने का प्रकरण फिर सुर्खियों में आ गया है। जिसमें उनका तत्कालीन थाना प्रभारी से थाने में विवाद हुआ था। मामला प्रदेश स्तर पर तूल पकड़ा था और थानेदार पर कार्रवाई हुई थी।