फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वर्णजयंती नगर कब्रिस्तान पर फिर विवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वर्णजयंती नगर स्थित कब्रिस्तान पर मालिकाना विवाद सुलझ नहीं रहा है। कई बार अफसरों ने यहां की पैमाइश कराने के बाद एक पक्ष को उसकी जमीन का कब्जा दिलाने का भरोसा दिलाया, लेकिन अभी तक मामला सुलझा नहीं है। रविवार को एक मुस्लिम युवक के इंतकाल के बाद जब उसका शव दफनाने के लिए यहां लाया गया तो दूसरे पक्ष ने विरोध जताते हुए दफनाए जाने से रोक दिया। इस पर कुछ लोग पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह के पास पहुंचे। वह मौके पर आ गए। उन्होंने पुलिस को भी बुला लिया।
विज्ञापन

पूर्व विधायक ने कहा कि किशनपुर तेली वाली गली से कई लोग उनके पास पहुंचे और बताया कि मोहल्ले केे शाहिद का इंतकाल हो गया है। उसकी मय्यत को दफनाने के लिए पुराने कदीमी कब्रिस्तान में कब्र खोदने की तैयारी करने गए तो भाजपा के कुछ दबंग लोगों ने वहां से भगा दिया। इस पर विधायक उन लोगों के साथ किशनपुर पहुंचे। वहां लोगों से बात की। इन लोगों ने बताया कि यह कब्रिस्तान कई साल पुराना है। अब यहां बड़ी-बड़ी कोठी और फ्लैट बनने की वजह से जमीन सोने के भाव हो गई है। जिससे भू माफिया और दबंगों की इस जमीन पर नियत खराब है।
कुछ दबंग किस्म के लोग आए दिन कब्रिस्तान में मैयत दफनाने से रोकते हैं। डराते हैं, धमकाते हैं, परेशान करते हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को विधायक ने पूरा मामला बताया। प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इस पर अधिकारियों ने कुछ दिनों में मामले को सुलझाने का भरोसा दिला कर दोनों पक्षों को शांत कर दिया। बाद में पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान ने मय्यत को बेगपुर कब्रिस्तान में दफनवाया। मौके पर पहुंचे महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने भी पीड़ित पक्ष को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। महानगर महासचिव मनोज यादव ने कहा है कि इस मामले में कब्रिस्तान की पूरी जमीन खाली कराने और जमीन का दावा करने वाले हिंदू पक्ष को भी इंसाफ दिलाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की गई है। अधिकारियों ने 20 दिन में इसका फैसला कराने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें