जहरीली शराब कांड के बाद देशी शराब की बिक्री में दस फीसदी का इजाफा हुआ है। जिले में जुलाई में 8.16 लाख लीटर देशी शराब की खपत हुई है, जिसमें लगभग 82 हजार लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले हर महीने औसतन लगभग 7.38 लाख लीटर की खपत हो रही थी। माना जा रहा है कि शराब माफिया इस दस फीसदी का खपत खुद अपनी बनाई हुई नकली शराब से करते थे। इसी वजह से राजस्व का नुकसान हो रहा था। अब उस नुकसान की भरपाई होने लगी है।
अब पांच ब्रांड के देशी शराब के ट्रैटा पैक आ गए हैं, जिसमें वेब डिस्टलरी हरदुआगंज से सिल्वर पैक और गोल्डन बार्डर, रेडिको डिस्टलरी से विंडीज गोल्ड, धामपुर डिस्टलरी से टॉप बास और ब्ल्यू फिलिक्स नाम का ब्रांड आता है। ट्रेटा पैक में मिलावट की आशंका न के बराबर होती है। इसलिए लोगों में सरकारी उत्पाद पर भरोसा बढ़ा है। जिला आबकारी अधिकारी डा. सतीश चंद्र ने बताया कि इस बीच दुकानों में लगातार जांच पड़ताल जारी है।
गौर हो कि शराब माफिया के मकड़जाल से छूटी लगभग 68 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया जारी है। कई दुकानें दैनिक नियमित शुल्क पर खोली जा रही हैं। इसमें देशी शराब की 40, अंग्रेजी शराब की 10, बीयर की 14 और 4 मॉडल शॉप शामिल हैं। इसी क्रम में कई ठेके खोले भी जा चुके हैं। जहरीली शराब कांड के दौरान भरे गए तीन नमूनों में जहरीले मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि के बाद गुड इवनिंग ब्रांड का शेष माल जब्त हो चुका है। अब नये ब्रांड ही बिक रहे हैं। पुराने जब्त माल का निस्तारण मुख्यालय के आदेश पर होगा।