एएमयू पुरानी चुंगी से जाने वाले रास्ते को नगला पटवारी बाईपास से जोड़ने के लिए अलीगढ़-बरेली रेलवे लाइन क्रॉसिंग पर करीब 700 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण का काम पांच साल पहले शुरू हुआ था। 35 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण काल के चलते दो साल तक काम बंद रहा।
अब इसकी लागत बढ़कर 38 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इतना ही नहीं फ्लाईओवर निर्माण के लिए एएमयू की जमीन आने के कारण एएमयू प्रशासन की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिलने के कारण भी एक साल तक काम रुका रहा। अब एएमयू की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुका है। पिछले पांच साल से इसके निर्माण में कभी रेलवे तो कभी एएमयू व बजट का अडंगा सामने आता रहा है। इसके चलते फ्लाईओवर का निर्माण अधर में था तो फ्लाईओवर के दोनों ओर से पहुंच मार्ग व सर्विस लेन का काम पूरा नहीं हो सका। इससे राहगीरों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
फ्लाईओवर निर्माण से मिलेगा लाभ
इस फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने से अनूपशहर रोड को दिल्ली बाईपास से जोड़ने के साथ ही स्थानीय इलाके नगला पटवारी, मौलाना आजाद नगर, फिरदौस नगर, बरौला-जाफराबाद से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह काफी लाभदायक साबित होगा।