शहर का तापमान शनिवार को 34 डिग्री पर पहुंच गया। ऐसे में सुबह से बिजली कनेक्शन काटे जाने लगे तो बेचैनी और बढ़ गई। बिजली दफ्तर पहुंचकर कनेक्शन काटे जाने का कारण पूछा तो बताया गया कि उनके प्रीपेड स्मार्ट मीटरों का बैलेंस माइनस हो गया है। भुगतान जमा कराने के बाद ही कनेक्शन जोड़ा जाएगा।
इस दौरान सबसे अधिक भीड़ किला रोड बिजलीघर पर जुटी। यहां की घनी आबादी के कारण हजारों कनेक्शन काटे गए थे। यहां शाम तक उपभोक्ता पहुंचते रहे। भीड़ अधिक होने के कारण एक कैशियर को बुलाया गया, इसके बाद बिल जमा हो पाए।
कार्यवाहक चीफ इंजीनियर भी यहां पहुंचे और उपभोक्ताओं की समस्याएं दूर कराईं। इसी तरह से स्वर्ण जयंती नगर, रावण टीला और गुलर रोड, बारहद्वारी, मेडिकल रोड, खैर रोड, आगरा रोड, धनीपुर मंडी और बरौला बिजलीघर पर भी उपभोक्ताओं का पहुंचना जारी रहा। पूरे दिन कंट्रोल रूम पर इसकी शिकायतें आती रहीं। जिन उपभोक्ताओं ने भुगतान जमा करा दिया, उन्होंने अपनी जमा रसीदें दिखा कर कनेक्शन जुड़वाए।
शनिवार की सुबह बैलेंस माइनस होने के कारण कनेक्शन कट गया था। इसके बाद बिल जमा किया। जमा करने के बाद दोपहर बाद कनेक्शन जुड़ा। इससे बहुत परेशानी हुई।
-अजय निवासी बिहारी नगर, खिरनी गेट।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बैलेंस माइनस होने पर शनिवार को बिजली कटी थी। इसके बाद भुगतान जमा करने के बाद कनेक्शन जोड़ा गया है। इससे सुबह घर में परेशानी हुई।
-धीरेंद्र निवासी वैशालीपुरम।
आठ मार्च को बैलेंस 909 रुपये था। इसे नौ मार्च को जमा कर दिया। शनिवार की सुबह बताया गया कि दो हजार बकाया है। इसके बाद कनेक्शन कट गया। जब शेष रुपये जमा किए तो कनेक्शन जुड़ा।
-पंकज अवस्थी एडवोकेट, दुबे का पड़ाव।
छह घंटे में 16,907 कनेक्शन कटे
अलीगढ़। स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का बैलेंस माइनस होने पर शनिवार को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक पूरे जिले में लगभग 16,907 कनेक्शन काटे गए। शाम सात बजे के बाद तक 9,907 लोगों ने भुगतान जमा नहीं कराया था, इसलिए उनके कनेक्शन नहीं जुड़ पाए थे। कार्यवाहक चीफ इंजीनियर अंशुमान यादव ने बताया कि सात हजार कनेक्शन शाम तक जोड़े गए, जबकि 9907 का भुगतान अब तक जमा नहीं हुआ है।
तीन दिन पहले मिलेगी सूचना
कार्यवाहक चीफ इंजीनियर ने बताया कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए माइनस बैलेंस की सूचना तीन दिन पहले से देने की तैयारी की जा रही है, ताकि उपभोक्ता समय से भुगतान जमा करा सकें। इसके लिए माइनस बैलेंस में जाने वाले उपभोक्ताओं का ब्योरा जुटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकांश उपभोक्ता मेसेज नहीं पढ़ते हैं। अगर उन्हें फोन पर सूचना दी जाएगी तो वह अलर्ट हो जाएंगे।