गांव दहोड़ा में व्यास पीठ का पूजन करते भक्त। स्त्रोत : आयोजक
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गांव दहोडा में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन शनिवार को व्यास देवोसराय महाराज ने कहा कि जीवन में भक्ति और प्रेम के बिना आनंद की प्राप्ति संभव नहीं है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं के माध्यम से यही संदेश दिया, जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और समृद्ध रहें।
लीला और क्रिया के बीच का अंतर समझाते हुए कथा व्यास ने बताया कि अभिमान और स्वयं के सुखी रहने की इच्छा क्रिया है, जबकि बिना अभिमान के दूसरों को सुखी करने की भावना ही लीला कहलाती है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने प्रेम से सभी के हृदय को आकर्षित किया। बताया कि भगवान की गोवर्धन लीला से संदेश मिलता है कि सच्ची भक्ति और प्रकृति की पूजा ही सर्वोपरि है। कथा के श्रोताओं में ब्लॉक प्रमुख चौधरी नरेंद्र सिंह, महेश चंद्र शर्मा, राजकुमार शर्मा, अवधेश कुमार शर्मा, उमेश चंद्र शर्मा, राममूर्ति गुप्ता, पुष्कर सिंह शामिल रहे।