फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये रामराज लाने वालों की नहीं, यमराज लाने वालों की सरकार : दीपेंद्र सिंह हुड्डा

विज्ञापन
प्रेसवार्ता में जानकारी देते सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा और प्रमोद तिवारी। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार रामराज लाने वालों की नहीं, बल्कि यम का राज लाने वालों की सरकार है। इसका नतीजा पूरे देश ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान ऑक्सीजन के अभाव व स्वास्थ्य सेवाओं की लचर हालत के दौरान हुई मौतों के रूप में देखा है। इस सरकार का सूर्यास्त आने वाली 10 मार्च को हो जाएगा।
विज्ञापन

शुक्रवार को मैरिस रोड स्थित विवेक बंसल के आवास पर प्रेसवार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, आवारा पशुओं की समस्या, किसान उत्पीड़न, महिलाओं संबंधित अपराध सहित प्रदेश में चहुंओर व्याप्त भ्रष्टाचार के साथ अराजकता कायम है। इसी अराजकता के चलते 10 मार्च का सूर्योदय भाजपा सरकार देखेगी, मगर उसी शाम इस सरकार का आखिरी सूर्यास्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने प्रदेश की सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जब किसी सत्ताधारी के पास विकास के मुद्दे गिनाने के लिए नहीं होते हैं, तब वे चुनाव में अराजकता, सांप्रदायिकता की बातें करते हैं। ऐसा ही पश्चिमी यूपी के पहले चरण के चुनाव में अभी तक सत्ताधारी नेताओं के भाषणों में देखने को मिल रहा है। ये उनकी विफलता का परिचय है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव साधारण चुनाव नहीं है। यह देश को बर्बादी से बचाने का चुनाव है। भाजपा सरकारें देश की संपत्ति को बेच रही हैं। कांग्रेस शासनकाल में टाटा से खरीदी गई एयर इंडिया को वापस टाटा को ही बेच डाला है। अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है। ईमानदारी का राग अलापने वाले मुख्यमंत्री के नीचे जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्हें पता तक नहीं, जिनमें बिजली, पीडब्ल्यूडी, आबकारी, स्वास्थ्य आदि विभागों का भ्रष्टाचार सबके संज्ञान में है। कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रयागराज के संगम तट की लाशों और अस्पतालों में लगे नो एंट्री के बोर्डों ने सरकार की विफलता को उजागर किया। मगर सरकार झूठे आंकड़े देकर जनता को भ्रमित करती रही। महंगाई भी बड़ा विषय है।
विज्ञापन

किसानों के मुद्दे पर नेताओं ने सरकार को घमंडी सरकार देते हुए कहा कि यूपीए सरकार में टप्पल व भट्ठा पारसौल पर किसान आंदोलित थे। हमारे नेता राहुल गांधी उनके बीच आए। उनकी बात सुनी और 150 साल पुराना भूमि अधिग्रहण कानून संसद में बदला गया। मगर आज किसी ने किसानों के धरने में जाना उचित नहीं समझा।
बल्कि उन पर लखीमपुर खीरी में गाड़ी चढ़वाई गई। आज भी गाड़ी चढ़ाने वाले सरकार में हैं। हमने जो कानून बदला था, उसे वापस बदलकर जेवर में जमीन लेने का प्रयास हो रहा है। किसान वहां भी आंदोलित हैं। एमएसपी लागू नहीं किया गया है। उन्होंने पश्चिमी यूपी के किसानों से आह्वान किया कि किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। ये समय है सच को पहचानने और साथ देने का। जो आपके साथ खड़ा उसके साथ खड़े होने का। अंत में कहा कि बेशक यूपी में हम विपक्ष में नहीं हैं। मगर प्रियंका गांधी लगातार मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाते हुए किसानों, मजदूरों और हर पीड़ित वर्ग के दुख दर्द में साथ खड़ी होकर लड़ी हैं। उन्हें चार दिन तक जेल रखा गया। इसलिए हम मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। परिणाम बेहतर होंगे। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, महानगर अध्यक्ष बॉबी वसीह, रूही जुबैरी, यूथ जिलाध्यक्ष रूपेश पाठक, राकेश सक्सेना, ब्रजेश शर्मा आदि थे। इस दौरान इन नेताओं ने शहर व कोल क्षेत्र में भ्रमण कर कांग्रेस के लिए वोट भी मांगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें