केस- 1
महिला अस्पताल : बालू से भरी बाल्टी बन गई थूकदान, पाइप भी गायब
समय : दोपहर 12:30
मोहनलाल गौतम अस्पताल में आग से निपटने की व्यवस्था बेपटरी है। आग बुझाने के लिए यहां पर बालू रखी बाल्टियां जरूर लटक रही हैं, लेकिन वह आग लगने पर काम नहीं आ सकतीं। बालू बाल्टी में जम गई है। अस्पतालों में आने वाले लोग बाल्टियों को कूड़ादान समझकर उसमें पान-मसाला की पीक थूकते हैं। पानी की बौछार मारने वाली पाइप भी गायब है। दीवार से अग्निशमन यंत्र गायब है। अस्पताल के दूसरी मंजिल पर हॉल में एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं है। आग लगने की सूरत में स्थिति भयावह हो सकती है।
केस - 2
जिला अस्पताल : स्विच बोर्ड को टेप से चिपकाया
समय : दोपहर 3 बजे
जिला अस्पताल में पांच इलेक्ट्रिक बोर्ड नीचे की तरफ लटक रहे थ। जिसमें करंट प्रवाहित हो रही थी। स्विच बोर्ड पर टेप चिपकाया गया है। कई जगह-जगह बोर्ड लटके हैं। तारों के जोड़ को टेप से चिपकाया गया है।
केस - 3
डीडीयू : उलझे तार, उखड़े स्विच बोर्ड दे रहे हादसों को दावत
समय : 5 बजे
पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वार्डों में स्विच बोर्ड उखड़े पड़े हैं। वार्ड नंबर-8 में स्विच बोर्ड उखड़े हैं। जिनमें तार दिख रहे हैं। इससे कभी भी शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। वार्ड नंबर-9 में तारों का मकड़जाल है। पीआईसीयू वार्ड में दीवार पर लगा स्विच बोर्ड गायब है।