उमस भरी गर्मी में एक ओर मुसाफिरों को बसें नहीं मिल रही हैं, दूसरी ओर 30 से अधिक बसें खाली खड़ी थीं। अधिकारियों का कहना है कि बसों का लोड फैक्टर पूरा नहीं होने से संचालन कम किया गया है।
अलीगढ़ शहर के मसूदाबाद और सारसौल बस स्टैंड पर पहुंच रहे मुसाफिरों को घंटों के इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिल रही हैं। 30 सितंबर को मसूदाबाद बस स्टैंड पर पहुंचे मुसाफिर बसों के इंतजार में बेबस नजर आए। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भी यात्री बेहद परेशान हैं।
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उमस भरी गर्मी में एक ओर मुसाफिरों को बसें नहीं मिल रही हैं, दूसरी ओर 30 से अधिक बसें खाली खड़ी थीं। अधिकारियों का कहना है कि बसों का लोड फैक्टर पूरा नहीं होने से संचालन कम किया गया है। गणेश चंद्र शर्मा अपने छह साथियों के साथ बाला जी राजस्थान जाने के लिए मसूदाबाद बस स्टैंड पहुंचे थे। सुबह 11 बजे से इंतजार करते-करते पांच घंटे बाद उन्हें शाम चार बजे राजस्थान डिपो की बस मिल सकी। उन्होंने कहा कि अगर पूछताछ से सही जानकारी मिल जाती तो वह इतनी देर तक इंतजार नहीं करते। उसी वक्त स्टैंड पर आते, जब बस का समय होता।
दीपेंद्र सिंह को अनूपशहर जाना था। वह पौने दो बजे मसूदाबाद बस स्टैंड पहुंचे तो पता चला कि बस तीन बजे के बाद मिलेगी। वह भी इंतजार करने के लिए एक कोने की ओर खड़े हो गए। बोले बैठने तक की जगह नहीं है। आगरा जाने के लिए राजू को डेढ़ घंटे बाद बस मिली। गर्मी और उमस में वह परेशान हो गए। उन्होंने कहा कि साधारण बस के आने-जाने की जानकारी ऑनलाइन मिलनी चाहिए, ताकि समय बच सके। सहारनपुर जाने के लिए घनश्याम को भी दो घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। वह भी उमस से परेशान थे, बोले-कम से कम एक अच्छा प्रतीक्षालय तो होना चाहिए। जहां मुसाफिर बैठ सकें।