सूर्य वाटिका के लोकार्पण के बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह व अन्य
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अलीगढ़ डीएम इन्द्र विक्रम सिंह ने बिना शासकीय बजट के कलैक्ट्रेट परिसर में छह माह से चल रहे निर्माणाधीन कार्यों का लोकार्पण किया गया। श्री रामनवमी के अगले दिन कलैक्ट्रेट के विभिन्न भवनों, पार्कों, पार्किंग एरिया, सड़कों सहित सूर्य रथ से सुसज्जित सूर्य वाटिका का लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के उपरान्त अलीगढ़ मण्डल ही नहीं अपितु प्रदेश की पहली ऐसी कलैक्ट्रेट बन गई है, जो सूर्य मन्दिर को अपने में समाए हुए है। कलैक्ट्रेट के लिए दशरथ मांझी बन डीएम ने कलैक्ट्रेट की सूरत ही बदल दी।
डीएम इन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि नवीन कलैक्ट्रेट बनने के उपरान्त पुराना भवन अत्यंत ही जीर्ण-शीर्ण हो गया था। भवनों के साथ ही सार्वजनिक उपयोग के पार्कों की स्थिति भी बदहाल हो चुकी थी, उन्हें भी बिना किसी शासकीय बजट के श्रमदान एवं जनसहयोग के माध्यम से खूबसूरत आकार दिया गया। कलैक्ट्रेट का एक बड़ा हिस्सा जो एक लम्बे समय से वीरान और उजाड़ पड़ा हुआ था, को नया जीवन देने का विचार आते ही सूर्य मन्दिर स्थापना करने का संकल्प लिया।
आज वीरान और उजाड़ पड़े उस स्थान पर लोग सेल्फी ही नहीं ले रहे बल्कि पूर्ण श्रद्धा भाव से नतमस्तक भी हो रहे हैं। आज से कलैक्ट्रेट का यह हिस्सा सबसे खूबसूरत हिस्से में शुमार होगा। डीएम ने अलीगढ़ के धनाड्य, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों से अपील करते हुए कहा कि हम अपने मौहल्लों, कॉलोनियों एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की जगहों को आपसी सहयोग व समन्वय से खूबसूरत बना सकते हैं।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सूर्य ऊर्जा का प्रतीक है, सूर्य रथ स्थापित करके इसके एक चक्र के माध्यम से हमने यह बताने की कोशिश की है कि एक वर्ष 12 महीने का होता है और सात घोड़े हमारे सात दिन का प्रतिनिधित्व करते हैं। भगवान राम सूर्यवंशी हैं, सूर्य को ज्योतिष में पिता का कारक माना जाता है, जैसे एक पिता पूरे जीवनभर संतान को साहचर्य ऊर्जा देते है, वैसे ही सूर्य जातक को उच्च पद प्रदान करने में सहायता करते हैं। इस दौरान सीडीओ आकांक्षा राना, एडीएम डीपी पाल, अमित कुमार भट्ट, मीनू राणा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मृणाली जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट चन्द्रशेखर, एसीएम आदि मौजूद थे।