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अग्निपथ बवाल में कोचिंग संचालक हो रहे पाबंद

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अग्निपथ योजना के विरोध में टप्पल में हुए बवाल के बाद बेशक अब हालात सामान्य हैं। मगर पुलिस अब किसी भी स्तर पर लापरवाही के मूड में नहीं है। टप्पल बवाल में कोचिंग संचालकों की भूमिका उजागर होने के बाद जिले भर के वे सभी कोचिंग संचालक पाबंद किए जा रहे हैं जो सेना भर्ती की तैयारी कराते हैं। अब तक ऐसे 24 कोचिंगों के संचालक शहर व देहात में सामने आए हैं। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर इन्हें पाबंद किया जा रहा है। अगर अब कोई उपद्रव होता है तो सीधे-सीधे इन्हें जिम्मेदार माना जाएगा।
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टप्पल में शुक्रवार को हुए उपद्रव के बाद पुलिस जांच में साफ हुआ कि यह उपद्रव किसी और ने नहीं, बल्कि उन कोचिंग संचालकों के स्तर से कराया गया, जो सेना भर्ती की तैयारी कराते हैं। इनमें सबसे पहले भाजपा नेता सुधीर शर्मा का नाम सामने आया। सुधीर सहित कुल 11 कोचिंग संचालक जेल भेजे गए। बाद में भाजपा ने सुधीर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसी कड़ी में जिले भर में माहौल सामान्य होने के बाद उन सभी 24 कोचिंग संचालकों को सीआरपीसी की दफा 107/16 के तहत पाबंद किया जा रहा है, जो सेना भर्ती की तैयारी कराते हैं। इनमें करीब एक दर्जन से अधिक शहर में व दस कोचिंग संचालक देहात के हैं। इन्हें एक-एक कर पाबंदी नोटिस भी पहुंचाए जा रहे हैं। नोटिस में साफ चेतावनी है कि अब अगर कोई उपद्रव या हंगामा इस विषय में होता है तो उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा।
बता दें कि इसी कड़ी में प्रशासनिक निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से इन कोचिंगों की जांच की जा रही है, जिसमें इनकी मान्यता, इनके यहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या, उनके नाम पते, कोचिंगों में संसाधन, सुविधा, शिक्षकों की व्यवस्था आदि परखी जा रही है। यह पूरा ब्योरा पुलिस को सौंपा जाएगा ताकि किसी भी जरूरत पर इसे प्रयोग किया जा सके। इधर, टप्पल बवाल के बाद क्षेत्र में पुलिस तैनाती बरकरार है। मंगलवार को भी इस इलाके के साथ-साथ देहात के अन्य इलाकों में भी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं वरिष्ठ अधिकारी हालात की जानकारी लेते रहे। इधर, पुलिस की टीमें बवाल में शेष बचे लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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विवेचना पर ध्यान, वाराणसी वाले छात्र को क्लीनचिट
अलीगढ़। टप्पल बवाल में पुलिस का ध्यान अब गिरफ्तारी के साथ-साथ विवेचना पर भी हो गया है। बाकायदा जो नामजद किए गए हैं, उनके विषय में उनकी मौजूदगी, लोकेशन आदि पर काम किया जा रहा है, जो नाम ग्रामीणों के स्तर से बता दिए गए हैं, उन्हें जांचा-परखा जा रहा है। वाराणसी में पढ़ने वाले घांघौंली के विपिन का प्रकरण सामने आने के बाद इस दिशा में एसएसपी के निर्देश पर विवेचना टीम ने काम तेज कर दिया है। इस मामले में अब तक की जांच में सामने आया है कि विपिन नाम के दो युवक उस गांव से नामजद हैं। चूंकि यह नाम ग्रामीणों से बातचीत करके ही निकाले गए थे। अब ये नाम आपसी रंजिश में लिखवा दिए गए। वाराणसी में पढ़ने वाले विपिन के नाम को क्लीनचिट दे दी गई है। बाकी नामों को लेकर भी सत्यता परखी जा रही है।
- अब हालात बिल्कुल सामान्य हैं। फिर भी पुलिस की जांच पड़ताल और निगरानी जारी है। सेना भर्ती की तैयारी कराने वाले 24 कोचिंग संचालकों को पाबंद किया जा रहा है। उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। वाराणसी वाले युवक का नाम गांव से गलत तरीके से लिखवाया गया था। पुलिस की विवेचना का फोकस इस दिशा में बढ़ाया गया है। विपिन नाम के वाराणसी के छात्र को क्लीनचिट दे दी गई है। बाकी नामों की सत्यता भी फिल्टर लगाकर परखी जा रही है। किसी को निर्दोष नहीं फंसाया जाएगा।
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- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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