नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में पार्षदों और नागरिकों के साथ शांति मार्च निकालने की अनुमति मेयर मो. फुरकान को नहीं मिली है। जिलाधिकारी द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने से मेयर व्यथित हैं। उनका कहना है कि अपनी बात कहने का हक सबको है।
मेयर मो. फुरकान ने 11 दिसंबर को जिलाधिकारी को खत लिखकर शांति मार्च निकालने की अनुमति मांगी थी। पत्र में शहर के सम्मानीय नागरिकों एवं जन सामान्य द्वारा दोपहर ढाई बजे शांति मार्च शमशाद मार्केट स्थित मेयर के आवास से कलक्ट्रेट तक निकालने का जिक्र किया गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि मार्च या जुलूस निकालने की अनुमति किसी को नहीं दी गई है।
जिसे विरोध-प्रदर्शन करना है, वह अपनी जगह पर रहकर करें। अधिकारी वहां जाकर ज्ञापन लेंगे। जुलूस या मार्च निकालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेयर का कहना है कि वह पार्षदों के साथ जाकर ज्ञापन देंगे। ज्ञापन कहां लेंगे वह जिलाधिकारी जानते हैं। अपनी बात कहने का हक सबको है।