जिले में आज यानी एक अगस्त से 2021-22 के नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे। राहत की बात यह है कि प्रशासन ने लगातार चौथे साल सर्किल रेटों में कोई इजाफा नहीं किया है। साल 2017 में आखिरी बार सर्किल रेटों को बढ़ाया गया था। डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने निबंधन कार्यालय की ओर से तैयार की गई सूची को मान्य करते हुए एक अगस्त से लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
स्टांप एवं पंजीयन विभाग की ओर से शहर और देहात में आवासीय, व्यवसायिक जमीनों के दाम अलग-अलग तय किए जाते हैं। इस रेट को सर्किल रेट कहा जाता है। जमीन खरीद के समय इसी सर्किल रेट के आधार पर रसीद शुल्क और स्टांप शुल्क तय होता है। जमीन की कीमत उसके आकार के हिसाब से इसी सर्किल रेट के आधार पर तय होती है। एक अगस्त को नया डीएम सर्किल रेट लागू हो गया है। कोरोना काल में आई मंदी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से यह फैसला लिया गया है कि इस बार भी सर्किल रेट में इजाफा नहीं होगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बूम मिलेगा। साथ ही गरीब अपने सिर पर सस्ती जमीनों पर छत का सपना पूरा कर सकेंगे। वर्ष 2017 में सर्किल रेटों में करीब 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी। अभी तक अगस्त-2017 से लागू हुए नए सर्किल रेट में अलीगढ़ का सबसे महंगा क्षेत्र रामघाट रोड और मैरिस रोड है। इन दोनों इलाकों में 80 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट हैं।