सीबीआई ने चारों को कोर्ट में पेश करते हुए अनुरोध किया कि रिश्वत लेते समय चारों एक कमरे में मौजूद थे। इनकी बातचीत के साक्ष्य मौजूद हैं। इसके अलावा केमिकल साक्ष्य व सीएफएसएल से कुछ साक्ष्यों का परीक्षण कराना है। कुछ गवाहों के बयान लेने हैं। ये प्रक्रिया चौबीस घंटे में पूरी नहीं हो सकती। इसलिए इन चारों को छोड़ा जाना उचित नहीं होगा। अगर ये छोड़े गए तो गवाहों को प्रभावित करने व साक्ष्यों को मिटाने का काम कर सकते हैं। हालांकि सभी साक्ष्य सीबीआई के पास हैं। उनकी रिपोर्ट संकलित करनी है। बयान लेने हैं, इसलिए इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाए।
चारों के घरों पर भी गई थी सीबीआई
बृहस्पतिवार को कार्यालय में छापे के दौरान टीम चारों आरोपियों के घरों तक भी गई थी। जिसमें केपी सिंह के जानकी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर ३०१, संचित चौहान के संजय गांधी कालोनी स्थित घर, रोहित के गांधी नगर स्थित घर और प्रदीप के कृष्णा धाम कालोनी मथुरा रोड घर व इगलास स्थित स्थायी घर भी गई थी। वहां से भी साक्ष्य संकलित किए हैं।
चारों मिलकर कर रहे थे गोरखधंधा
इन चारों पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व साजिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें साफ उल्लेखित किया है कि चारों केपी सिंह व रोहित कर निरीक्षक नहीं हैं, मगर ये लोगों को इसी तरह निरीक्षक बनकर डराते रहे हैं और वसूली करते रहे हैं।