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Aligarh: सीबीआई ने 25 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार, सीजीएसटी अधीक्षक समेत 4 कर्मी भेजे जेल

Fri, 06 Oct 2023 07:27 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

इन चारों पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व साजिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें साफ उल्लेखित किया है कि चारों केपी सिंह व रोहित कर निरीक्षक नहीं हैं, मगर ये लोगों को इसी तरह निरीक्षक बनकर डराते रहे हैं और वसूली करते रहे हैं।
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अलीगढ़ के सेंट्रल जीएसटी का कार्यालय, जहां पड़ा सीबीआई का छापा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सीबीआई ने 5 अक्टूबर को नोटिस निस्तारण के नाम पर 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लालडिग्गी सीजीएसटी कार्यालय से चार लोग रंगेहाथ गिरफ्तार किए हैं। गिरफ्तार किए गए अधीक्षक केपी सिंह, निरीक्षक प्रदीप कुमार-रोहित कुमार वार्ष्णेय व सहायक संचित चौहान को 6 अक्टूबर को गाजियाबाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश परमेंद्र कुमार की अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब सुनवाई के लिए 19 अक्तूबर तारीख नियत की गई है। सीबीआई गाजियाबाद यूनिट की एंटी करप्शन टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान प्रदीप कुमार से 25 हजार रुपये बरामद किए गए। 

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अधिवक्ता जीतपाल सिंह सिसोदिया ने बताया चार अक्तूबर को एटा निवासी राकेश कुमार पांडेय ने सीबीआई में शिकायत की थी। जिसमें आरोप लगाया था कि सीजीएसटी के अलीगढ़ लालडिग्गी कार्यालय से जारी नोटिस का निस्तारण करने के नाम पर सीजीएसटी अधीक्षक किरण पाल सिंह ने 30 हजार रुपये की मांग की थी। उनके सहयोगी रोहित वार्ष्णेय और संचित ने धमकी दी थी कि अगर रुपये नहीं दिए गए तो फाइल लखनऊ भेज दी जाएगी। बाद में 25 हजार रुपये में बात तय हो गई थी। इसी शिकायत के आधार पर बृहस्पतिवार को सीबीआई ने जाल बिछाकर केपी सिंह को राकेश कुमार पांडेय से रिश्वत के 25 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। 

इस दौरान उनके कार्यालय में रोहित, प्रदीप व संचित भी मौजूद थे और चारों इस भ्रष्टाचार में शामिल थे। इस बात के बातचीत साक्ष्य भी सीबीआई ने संकलित किए हैं। रात 11:30 बजे तक कार्रवाई के बाद सीबीआई तडक़े तीन बजे सभी को यहां से लेकर गई। इसके बाद शुक्रवार दोपहर बाद अदालत में पेश किया था। सीबीआई ने अदालत से कहा कि रिश्वत के लिए हुए रुपये की बरामदगी हो गई है, इसलिए चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाए।

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न्यायालय से यह किया अनुरोध

सीबीआई ने चारों को कोर्ट में पेश करते हुए अनुरोध किया कि रिश्वत लेते समय चारों एक कमरे में मौजूद थे। इनकी बातचीत के साक्ष्य मौजूद हैं। इसके अलावा केमिकल साक्ष्य व सीएफएसएल से कुछ साक्ष्यों का परीक्षण कराना है। कुछ गवाहों के बयान लेने हैं। ये प्रक्रिया चौबीस घंटे में पूरी नहीं हो सकती। इसलिए इन चारों को छोड़ा जाना उचित नहीं होगा। अगर ये छोड़े गए तो गवाहों को प्रभावित करने व साक्ष्यों को मिटाने का काम कर सकते हैं। हालांकि सभी साक्ष्य सीबीआई के पास हैं। उनकी रिपोर्ट संकलित करनी है। बयान लेने हैं, इसलिए इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाए। 

चारों के घरों पर भी गई थी सीबीआई
बृहस्पतिवार को कार्यालय में छापे के दौरान टीम चारों आरोपियों के घरों तक भी गई थी। जिसमें केपी सिंह के जानकी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर ३०१, संचित चौहान के संजय गांधी कालोनी स्थित घर, रोहित के गांधी नगर स्थित घर और प्रदीप के कृष्णा धाम कालोनी मथुरा रोड घर व इगलास स्थित स्थायी घर भी गई थी। वहां से भी साक्ष्य संकलित किए हैं। 

चारों मिलकर कर रहे थे गोरखधंधा
इन चारों पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व साजिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें साफ उल्लेखित किया है कि चारों केपी सिंह व रोहित कर निरीक्षक नहीं हैं, मगर ये लोगों को इसी तरह निरीक्षक बनकर डराते रहे हैं और वसूली करते रहे हैं।
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