गांव गणेशपुर में जेसीबी के आगे खड़ी होकर नाली निर्माण में अड़ंगा डालने के मामले में छह महिलाओं सहित 33 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है। खंड विकास अधिकारी चंडौस राहुल वर्मा की ओर से 13 लोगों को नामजद कराया गया है। इसमें पूर्व प्रधान को भी नामजद कराया गया है। मामले में केशव, पूनम, शिवानी, शिवम, ओमप्रकाश, मालती, उषा, किशोरी, संतोष देवी, भीमसेन, ओमपाल, कंचन सिंह व फूलवती को नामजद कराते हुए अन्य को अज्ञात में शामिल किया गया है।
11 जनवरी को खंड विकास अधिकारी पुलिस और जेसीबी के साथ स्वयं गांव पहुंचे थे। वह ग्राम पंचायत की ओर से नाली निर्माण के लिए खोदाई करवाने जा रहे थे, तभी कुछ महिलाएं जेसीबी के आगे खड़ी हो गई थीं। उन्होंने पुरानी नाली की जगह दूसरी दिशा में नई नाली नाली के निर्माण पर विरोध करना शुरू कर दिया। कहा कि ग्राम पंचायत की राजनैतिक खुन्नस में उनके घरों की ओर से नई नाली का निर्माण कराया जा रहा है। इससे कई घर नाली से नीचे आ जाएंगे। जेसीबी से खोदाई करने से उनके घरों की नींव कमजोर हो जाएगी और घर गिर जाएंगे।
इस दौरान महिलाओं की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। पुलिस कर्मियों ने हल्का बल प्रयोग भी किया, जिस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई थी। महिलाओं सहित ग्रामीणों का विरोध देखते हुए जेसीबी वापस कर दी गई थी। इसी घटना पर बीडीओ की ओर से सरकारी कार्य में अड़ंगा डालने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
चुनावी रंजिश में घसीटा मेरा नाम : पूर्व प्रधान
गांव के पूर्व प्रधान कंचन सिंह का कहना है कि वह मौके पर नहीं थे। इसके बावजूद प्रधानी की रंजिश के चलते मौजूदा ग्राम प्रधान के कहने पर खंड विकास अधिकारी ने मुकदमे में उनका नाम घसीटा है। जिस नाली के निर्माण का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, उसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसकी सूचना ग्राम प्रधान, बीडीओ और एसडीएम को दी गई थी। इसके बावजूद बीडीओ खोदाई कराने पहुंच गए। इससे गांव का माहौल गरमाया है।