सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हरिओम नगर में बुधवार रात करीब सवा आठ बजे शहर के प्रसिद्ध कारोबारी सुभाष चंद्र कालरा के मकान में शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। हादसे के वक्त सुभाष चंद्र कालरा (79) घर पर अकेले थे। बेटे और बहू प्रतिष्ठान पर थे। आग लगने से वह कमरे में ही फंस गए। धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
सुभाष चंद्र कालरा का खेल से जुड़े सामान का कारोबार है। वह मकान के नीचे वाले हिस्से में रहते थे। बड़ा बेटा हिमांशु कालरा और उनकी पत्नी नीचे के हिस्से में ही रहते हैं, जबकि छोटा बेटा सुमित परिवार के साथ ऊपर की मंजिल पर रहता है।
जानकारी के मुताबिक, मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही इन्वर्टर और उसकी वायरिंग थी। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इन्वर्टर के तारों में हुए शॉर्ट-सर्किट की वजह से अचानक चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे कारोबारी को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला।
हादसे के वक्त दोनों बेटे अपनी दुकानों पर थे, उनकी पत्नियां भी उनके साथ दुकान पर थीं। जब आग लगी, तो नीचे की मंजिल पर मौजूद सुभाष चंद्र कालरा धुएं से घिर गए।
उधर, घर मंे लगी आग और धुएं को देखकर आसपास के लोग दाैड़कर मकान के पास पहुंच गए, लोगों की भारी भीड़ वहां पर लग गई। स्थानीय पड़ोसियों और युवकों ने किसी तरह उन्हें घर से बाहर निकाला और पानी व अन्य साधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की। लेकिन, अत्यधिक धुआं शरीर में जाने से उनकी हालत बिगड़ चुकी थी।
उन्हें तुरंत पास के निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां से नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार के मुताबिक शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट-सर्किट नजर आ रही है। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। आग पर पूरी तरह काबू पाया। मुख्य मार्ग की वायरिंग पूरी तरह जल चुकी है।
आग से घर में लगी एसी का कंप्रेशर भी फट गया था। अचानक हुई इस घटना से इलाके में शोक की लहर है। व्यापारिक जगत ने एक पुराने व प्रतिष्ठित कारोबारी को खोने पर गहरा दुख जताया है। >> पाकिस्तान से आकर खड़ा किया कारोबार : पेज 6