इस घटना में अनुज वार्ष्णेय आरोपी है जो प्रबंध समिति के एक पदाधिकारी का बेटा है। इसे लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं।
कारोबारी पक्ष ने भी मढ़े आरोप, एसएसपी से मिला भरोसा
इस मामले में गौरव हरकुट सहित अन्य आधा दर्जन से अधिक अभिभावकों ने भी पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें आरोप है कि क्रिकेट खेलने गए गौरव के बेटे आदि के साथ पहले शिक्षक द्वारा मारपीट की गई। बेटे को कैंपस के कमरे में बंधक बना लिया गया। जब अन्य बच्चों ने गौरव को फोन किया और उन्होंने कहा कि बेटे से बात कराएं तो शिक्षक ने उनका भी मोबाइल फेंक दिया। धमकाते हुए भगा दिया। जब वे कॉलेज पहुंचे तो शिक्षक अभ्रदता पर उतर आए। बाद में हाथापाई करने लगे। गौरव व अन्य अभिभावकों ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। मगर वहां मुकदमे पर कोई जवाब नहीं मिला। बाद में वे पहले आईजी कार्यालय और फिर एसएसपी आवास पहुंचे। जहां एसएसपी स्तर से उन्हें उचित जांच व न्याय का भरोसा मिला है। इस दौरान काफी संख्या में अभिभावक व बच्चे उनके साथ मौजूद रहे। उनका कहना था कि शिक्षकों के व्यवहार के चलते जिस तरह से पिछले दिनों ओएलएफ में हुआ है। ये बच्चे भी उसी तरह दहशत व तनाव में हैं। कहीं कोई वाकया न हो जाए। उन्होंने भी न्याय मांगा है।
प्रधानाचार्यों ने की घटना की निंदा
एचबी इंटर कॉलेज में घटना के विरोध में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की बैठक हुई, जिसमें प्रधानाचार्यों ने कड़ी शब्दों में घटना की निंदा की। प्रधानाचार्यों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। जिला मंत्री डॉ. विपिन वार्ष्णेय ने कहा कि यदि इस प्रकार के असामाजिक तत्व विद्यालय में आकर शिक्षक और प्रधानाचार्य की गरिमा का निरादर करेंगे, तो समाज को क्या संदेश जाएगा। परिषद के संगठन मंत्री डॉ. संजय सिंह ने प्रशासन से अनुरोध किया कि इसमें दोषियों को कड़ी सजा मिले। इस अवसर पर प्रधानाचार्य परिषद की जिला अध्यक्ष डॉ. अनूप शर्मा, जिला मंत्री डॉ. विपिन वार्ष्णेय, डॉ. कौशलेंद्र कुमार, अम्बुज जैन, डालेश कांकरान, डॉ. जेपी यादव, जितेंद्र राही, कृष्ण कुमार शर्मा, केपी सिंह, मुनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
एचबी इंटर कॉलेज में दबंगों द्वारा प्रधानाचार्या व शिक्षक द्वारा की गई मारपीट अत्यंत दुखद है। शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटना से शिक्षा का माहौल बिगड़ता है। इस तरह की घटना पर पुलिस प्रशासन को सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। -बल्देव चौधरी सीटू, पूर्व प्रदेश मंत्री, एबीवीपी
पुलिस व शिक्षा विभाग इसकी गंभीरता से जांच करे। किसकी सह पर स्कूल को खेल का मैदान बनाया है। इस तरह के मामलों में प्रबंध समिति ने निजी मैदान बना दिया है। वह शिक्षा के अलावा अन्य तमाम आयोजन करती है। उचित कार्रवाई हो।-जय यादव, छात्र नेता