मथुरा में जयसिंहपुरा स्थित राधेश्याम नगर निवासी नफीसा पत्नी सलीम खान सुबह करीब साढ़े आठ बजे मथुरा बस स्टैंड से बस में सवार हुई थी। वह अपनी मां से मिलने टोडाभीम जा रही थी। उनके साथ दो बेटे आसिव व फिरोज खान भी थे। इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। फिरोज ने ही अपने मोबाइल फोन से मथुरा में अपने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सलीम खान और उनका भाई तत्काल हलैना पहुंचे। देर शाम तक नफीसा का शव घर नहीं लाया जा सका था।
बस में सवार थे 42 लोग
घायल परिचालक जीतेंद्र जाटव ने बताया कि अलीगढ़ से अजमेर वाया भरतपुर जा रही बस में चालक-परिचालक सहित 45 यात्री सवार थे, इनमें से मथुरा व भरतपुर से सर्वाधिक यात्री सवार हुए थे। तीन यात्री हलैना उतर गए। शेष लोग बस में थे। हलैना से करीब सवा किमी दूरी पर दोपहर करीब पौन एक बजे हादसा हो गया।
फिर खली ट्रामा सेंटर की कमी
हलैना के आसपास अक्सर हादसे होते हैं। इसके चलते यहां ट्रामा सेंटर बनाने की मांग लंबे समय तक चली। करीब 11 माह पहले ट्रामा सेंटर बन गया, लेकिन अब तक इसके ताले नहीं खुले हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। हादसे के बाद तत्काल मदद नहीं मिलने से लोगों की जान जाती है। घायलों को भरतपुर ले जाने में काफी समय लग जाता है, तब तक घायल की जान बचाना मुश्किल होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता, पूर्व केबिनेट मंत्री भजनलाल जाटव, निवर्तमान सांसद रंजीता कोली, वैर के विधायक बहादुर सिंह कोली आदि ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना जताई
इनकी मदद रही सराहनीय
सडक हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के अलावा टोल कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों सहित अनेक लोग मदद को पहुंच गए। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव व एसपी मृदुल कच्छावा ने भी क्षतिग्रस्त बस से शव व घायलों को निकालने में मदद की। एएसपी जयनारायण मीणा, सीओ धर्मेन्द्र शर्मा, हलैना थाना प्रभारी बिजेन्द्र शर्मा, टोल कंपनी के पीडी कौशल परिहार, टोल प्रबंधक दीपक कुलश्रेष्ठ भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे।