अरे बिजली नहीं आ रही, पता नहीं क्या कर रहे हैं बिजली वाले, सरकार ने तो 24 घंटे बिजली देने का दावा किया था, फिर यह कटौती क्यों।
यह वाक्य हर दूसरे आदमी यहां तक कि सरकारी विभागों में भी गूंजते रहते हैं।
सरकार बिजली की कमी की समस्या का निदान सोलर पावर एनर्जी से करने जा रही है। इसके तहत सरकारी, अर्द्धसरकारी विभाग एवं प्राइवेट लोगों को अपनी छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट के साथ सोलर ऊर्जा संयंत्र भी लगाकर पानी बचाने के साथ अपनी जरूरत की बिजली स्वयं बनाने एवं ज्यादा बनने पर उसे बिजली विभाग को बेचने की योजना बनी है।
सभी विकास प्राधिकरणों को 300 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल के भवन अथवा प्रतिष्ठानों का नक्शा पास करते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ सोलर ऊर्जा संयंत्र भी लगाने की शर्त रखने के आदेश दिये हैं।
प्रदेश में विद्युत उत्पादन और खपत
प्रदेश में सरकारी स्तर पर सक्रिय 12 इकाइयां करती हैं 16 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन, जबकि है करीब 17 हजार मेगावाट की खपत।
शासन ने विद्युत समस्या से निजात पाने के लिए 300 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल के भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ सोलर पावर पैनल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना नक्शा पास नहीं होगा।
- डीएस भदौरिया, अधिशासी अभियंता विकास प्राधिकरण