डायरिया से पीड़ित बच्चों का इलाज कराते परिजन।
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गर्मी बढ़ने से क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। शनिवार रात गांव गढ़ी जुलिया निवासी भूपेन्द्र कुमार के चार वर्षीय पुत्र जिगर उर्फ कृष्णा की डायरिया से मौत हो गई । भूपेंद्र की बेटी वर्षा भी इस रोग की चपेट में है। गांव के देवेन्द्र सिंह का भाई, तीन बेटी एवं उनके बेटे को भी डायरिया ने जकड़ रखा है। बच्चे की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एक टीम सीएचसी से, दूसरी जिला अस्पताल मे गांव पहुंच गई। डॉक्टरों की टीम ने गांव में मरीजों का हालचाल जाना एवं उनको दवाई भी दी।
मौके पर पहुंचे हाथरस के डॉक्टर पवन कुमार को ग्रामीणों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। डॉक्टर ने दवा देने के बाद लोगों के वासी भोजन न करने, बाहर खाने से परहेज, अधिक पानी पीने एवं धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रकाश मोहन ने बताया कि इस गांव में दस से अधिक मरीज थे, जिनमें छह मरीज डायरिया से पीड़ित थे। सभी मरीजों का दवा दे दी गई है।
बुखार से बच्चे की मौत
कस्बा मुरसान निवासी एक बच्चे की बुखार से मौत हो गई। बच्चे को कई दिनों से बुखार था। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। पिछले कई दिनों से कस्बा मुरसान निवासी मुरारी के बेटे तरुन को बुखार था। कस्बा के ही डॉक्टर के यहां उसका इलाज चल रहा था। लेकिन बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। रविवार सुबह बच्चे की तबियत ज्यादा खराब हो गई। परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।