पार्षद कुलदीप पांडेय ने अरबन एनवायरोटेक कंपनी द्वारा घरों व वाणिज्यक संस्थानों से कूड़ा उठान के नाम पर अवैध वसूली का मुद्दा उठाया। कहा कि गलत बिल देकर वसूली की जा रही है। निगम को महीने की वसूली 50 लाख रुपये बताई जा रही है, मगर वसूली करोड़ों में हो रही है। एक पार्षद ने गलत बिल देने की शिकायत की। बताया अलग-अलग बिल उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। इस पर नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जांच का आदेश दिया है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर लगाया आरोप
उप सभापति दिनेश जादौन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि वह निगम की छवि को धूमिल करना चाहते हैं। दिनेश ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि 10-10 हजार रुपये में पार्षद सुखमा कंपनी के हाथ बिक गए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर पार्षद साथ दें तो सुखमा को भगा दूंगा। इस आरोप को नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने निराधार बताया। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी, सत्यता मिली तो कार्रवाई तय है। अधिकारी व पार्षद गलत भाषा का प्रयोग न करें।
पार्षद कुलदीप पांडेय ने कहा कि सुखमा कंपनी के साथ नगर निगम का क्या करार है..? आख्रिर सफाई क्यों नहीं हो रही है। इसकी जानकारी किसी भी पार्षद को नहीं है। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि सभी को उसके टेंडर की काॅपी उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद पार्षद ने पूर्व में खरीदी गई 10 हजार स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कम दाम वालों को टेंडर न देकर नगर निगम ने होलेनेक्स कंपनी को टेंडर दिया। कंपनी को पांच साल तक लाइटों की रिपेरिंग करानी थी, मगर कंपनी के बजाए नगर निगम ही लाइटों को ठीक करा रहा है। इसमें करीब दो से ढाई करोड़ रुपये का गोलमाल है।
पार्षदों की संस्तुति के बिना न हो भुगतान : अनिल
पार्षद अनिल सेंगर ने कहा कि पार्षद वार्ड का जनप्रतिनिधि है। बिना उसके कोई भी कार्य वार्ड में नहीं हो सकता है। ऐसे में कार्य पूरा हुआ या नहीं। गुणवत्ता आदि को जांचने के बाद ठेकेदार को संस्तुति पत्र दिया जाएगा। इसी के आधार पर इनका भुगतान किया जाए। मगर निर्माण विभाग के अधिकारी मनमाने तरीके से भुगतान कर देते हैं। जिसका खामियाजा पार्षद को वार्ड में भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में भी इसकी मंजूरी मिल चुकी है।
पार्षदों को पांच लाख और लैपटॉप देंगे : मेयर
अलीगढ़ महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा है कि पार्षदों को वार्ड विकास निधि के तहत पांच-पांच लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वह अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करा सकते हैं। कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में पार्षद केरल जाएंगे। सभी पार्षदों को जल्द ही लैपटाॅप दिया जाएगा। पास हुए प्रस्तावों से बोर्ड और अधिकारी मिलकर शहर को विकसित करेंगे।