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अलीगढ़ नगर निगम बोर्ड बैठक: 14.50 अरब का मूल बजट पास, 12.84 अरब से सड़क-नाले और पेयजल का होगा इंतजाम

Thu, 29 May 2025 11:55 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा है कि पार्षदों को वार्ड विकास निधि के तहत पांच-पांच लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वह अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करा सकते हैं। कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में पार्षद केरल जाएंगे। सभी पार्षदों को जल्द ही लैपटाॅप दिया जाएगा।
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बोर्ड बैठक को संबोधित करते नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ नगर निगम की बोर्ड बैठक 28 मई को कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में हुई। बैठक में 14.50 अरब रुपये के मूल बजट को पास किया गया। इसमें से करीब 12.84 अरब रुपये शहर के विकास पर खर्च होंगे। जिससे नाला, सड़क, सरोवर निर्माण के साथ ही सरफेस वाटर व पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। इस दौरान पुलिस, पीएसी और प्रवर्तन दल के जवान गेट से लेकर सभागार तक मुस्तैद रहे।

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नगर निगम के मूल बजट की बैठक में सभी 90 पार्षद व अधिकारी मौजूद रहे। करीब 45 मिनट देरी से पहुंचे नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा और महापौर प्रशांत सिंघल ने राष्ट्रीय गीत से बोर्ड अधिवेशन शुरू किया। सबसे पहले पार्षद संजय पंडित ने गृहकर और जल कर मुद्दा उठाया। कहा कि निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो गृहकर 50 फीसदी ही वसूला गया है। सभी भवनों से वसूली क्यों नहीं की जा रही है...? कितने ऐसे भवन है, जिनसे पिछले 10 साल से कर नहीं लिया गया। जल मूल्य की वसूली भी लक्ष्य के मुताबिक नाममात्र है, जबकि उससे ज्यादा तो विभाग वेतन दे देता है।

पार्षद लाल सिंह व असलम नूर ने निगम की जमीन पर कब्जे का मुद्दा उठाया। उन्होंने गाटा संख्यावार नोट कराकर यथास्थिति भी बताई। इस पर नगर आयुक्त ने जांच का आदेश दिया। मानिक चौक के पार्षद ने सफाई का मुद्दा उठा कर कहा कि अगर वार्ड की सफाई नहीं हुई तो सड़क पर कूड़ा डाल कर प्रदर्शन करेंगे। वार्ड संख्या 37 व 78 में बुरा हाल है। सपा पार्षद दल के नेता ने क्लोरीन में भ्रष्टाचार का मुद्दा फिर उठाते हुए महापौर के आदेशों का उल्लंघन करने की बात कही। नगर आयुक्त ने सप्ताह भर में जांच कराने को कहा। पार्षद ने कहा कि जन्म-मृत्य प्रमाण पत्र का नियम बार-बार बदलने से जनता परेशान है। करीब 10 हजार से अधिक आवेदन लंबित है। इस मुद्दे पर सभी पार्षदों ने अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। पुष्पेंद्र जादौन ने सीवर लाइन चोक होने और लोकवाणी केंद्र का मामला उठाया।
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पार्षदों ने निर्माण कार्यों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्वीकृति के बाद भी कई ऐसे कार्य हैं, जिनके टेंडर नहीं हुए है। जिनके टेंडर व एग्रीमेंट हो गए हैं, उनका काम भी शुरू नहीं हुआ। मैरिस रोड से किशनपुर की सड़क नौ महीने में पूरी नहीं हो पाई। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने एक माह में निर्माण कार्य को लेकर टेंडर करने और वर्क आर्डर जारी करने को कहा। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और गृहकर व जलकर में सुधार करने का भी आश्वासन दिया। सप्ताह भर में जलकर महाप्रबंधक की भी नियुक्ति हो जाएगी।

कूड़ा उठाने के गलत बिलों की होगी जांच

पार्षद कुलदीप पांडेय ने अरबन एनवायरोटेक कंपनी द्वारा घरों व वाणिज्यक संस्थानों से कूड़ा उठान के नाम पर अवैध वसूली का मुद्दा उठाया। कहा कि गलत बिल देकर वसूली की जा रही है। निगम को महीने की वसूली 50 लाख रुपये बताई जा रही है, मगर वसूली करोड़ों में हो रही है। एक पार्षद ने गलत बिल देने की शिकायत की। बताया अलग-अलग बिल उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। इस पर नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जांच का आदेश दिया है।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर लगाया आरोप
उप सभापति दिनेश जादौन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि वह निगम की छवि को धूमिल करना चाहते हैं। दिनेश ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि 10-10 हजार रुपये में पार्षद सुखमा कंपनी के हाथ बिक गए हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर पार्षद साथ दें तो सुखमा को भगा दूंगा। इस आरोप को नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने निराधार बताया। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी, सत्यता मिली तो कार्रवाई तय है। अधिकारी व पार्षद गलत भाषा का प्रयोग न करें।
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कुलदीप ने सफाई और स्ट्रीट लाइटों की खोली पोल

पार्षद कुलदीप पांडेय ने कहा कि सुखमा कंपनी के साथ नगर निगम का क्या करार है..? आख्रिर सफाई क्यों नहीं हो रही है। इसकी जानकारी किसी भी पार्षद को नहीं है। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि सभी को उसके टेंडर की काॅपी उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद पार्षद ने पूर्व में खरीदी गई 10 हजार स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कम दाम वालों को टेंडर न देकर नगर निगम ने होलेनेक्स कंपनी को टेंडर दिया। कंपनी को पांच साल तक लाइटों की रिपेरिंग करानी थी, मगर कंपनी के बजाए नगर निगम ही लाइटों को ठीक करा रहा है। इसमें करीब दो से ढाई करोड़ रुपये का गोलमाल है।

पार्षदों की संस्तुति के बिना न हो भुगतान : अनिल
पार्षद अनिल सेंगर ने कहा कि पार्षद वार्ड का जनप्रतिनिधि है। बिना उसके कोई भी कार्य वार्ड में नहीं हो सकता है। ऐसे में कार्य पूरा हुआ या नहीं। गुणवत्ता आदि को जांचने के बाद ठेकेदार को संस्तुति पत्र दिया जाएगा। इसी के आधार पर इनका भुगतान किया जाए। मगर निर्माण विभाग के अधिकारी मनमाने तरीके से भुगतान कर देते हैं। जिसका खामियाजा पार्षद को वार्ड में भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड में भी इसकी मंजूरी मिल चुकी है।

पार्षदों को पांच लाख और लैपटॉप देंगे : मेयर
अलीगढ़ महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा है कि पार्षदों को वार्ड विकास निधि के तहत पांच-पांच लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वह अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करा सकते हैं। कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में पार्षद केरल जाएंगे। सभी पार्षदों को जल्द ही लैपटाॅप दिया जाएगा। पास हुए प्रस्तावों से बोर्ड और अधिकारी मिलकर शहर को विकसित करेंगे।
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