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अलीगढ़ : भाई-बहन मांगते रह गए शव, प्रधान को सौंप कराया अंतिम संस्कार

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विजयगढ़ के नगल खुआ स्थित कुएं में गिरने से दिव्यांग युवक की मौत के मामले में थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव सगे भाई-बहन को नहीं सौंपा बल्कि प्रधान तथा परिवार के कुछ अन्य लोगों को सौंपकर अंतिम संस्कार करा दिया, जबकि सगे भाई - बहन थानेदार से शव उन्हें सौंपने की गुहार करते रहे।
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ऐसे में सगा भाई न तो अपने बड़े भाई के शव को मुखागिभन दे सका और न अंतिम बार बहन मुंह देख सकी। थानेदार की ऐसी क्या मजबूरी थी, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं भाई-बहन इस मामले में किसी साजिश का अंदेशा जता रहे हैं।
पुलिस के अनुसार नगला खुआ में महेश नाम का दिव्यांग युवक तीन दिन से लापता था। सोमवार सुबह उसका शव गांव के ही कुएं में पड़ा मिला था। चार बीघा जमीन का मालिक महेश गांव व परिवार के कुछ लोगों की मदद से खेतीबाड़ी कर अपना जीवन यापन करता था। उसके माता-पिता की पहले मौत हो चुकी है, जबकि एक छोटा भाई ललित फरीदाबाद में नौकरी करता है। छोटी बहन पिंकी की इगलास क्षेत्र में शादी हो चुकी है।
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इस सूचना पर पुलिस ने शव कुएं से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जहां उसकी छोटी बहन पिंकी व भाई ललित भी पहुंच गए। चूंकि उस समय पोस्टमार्टम प्रक्रिया चल रही थी। इसलिए दोनों को अंतिम बार चेहरा देखने का मौका नहीं मिला। पोस्टमार्टम पर मौजूद पुलिसकर्मियों से दोनों ने यह गुहार की कि अब हमारा उस गांव में कोई नहीं है। इसलिए शव को हम यहीं से अपने साथ पिंकी की ससुराल इगलास ले जाना चाहते हैं। वहीं अंतिम संस्कार करेंगे। मगर पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए इंकार कर दिया इसे लेकर आप थाने जाकर कोतवाल से बात कर लो।
इस पर दोनों भाई बहन थाने पहुंचे। जहां कोतवाल से अनुरोध किया कि ललित शुरू से अपनी बहन के पास ही रहता है। यहां गांव में चाचा - ताऊ से ज्यादा नाता नहीं है। इसलिए शव हमें सौंप दिया जाए, हम उसे अपने साथ इगलास ले जाएंगे। मगर थानेदार ने भी उनकी बात अनसुनी कर दी और शव गांव पहुंचने पर प्रधान व परिवार के अन्य लोगों को सौंपकर अंतिम संस्कार करा दिया। जब वे थककर थाने से गांव पहुंचे, तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। ऐसे में भाई बहन का कहना है कि पुलिस को इतनी जल्दी क्या थी। इसे लेकर ललित व पिंकी ने सीधे किसी साजिश का अंदेशा जताते हुए थानेदार पर जानबूझकर शव न सौंपने का आरोप लगाया है।
पोस्टमार्टम में पानी से डूबने से मौत
बेशक भाई-बहन साजिश की बात कह रहे हों, मगर पोस्टमार्टम में महेश की मौत पानी में डूबने से ही मानी गई है। पुलिस को भेजी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत एक से दो दिन पहले पानी में डूबने से हुई है।
-जिस वक्त शव का पोस्टमार्टम चल रहा था। उस समय महेश के दोनों भाई-बहन व अन्य परिजन मौजूद थे। उनके सामने शव को गांव ले जाया गया। गांव में अंतिम संस्कार में भी परिवार के लोग मौजूद थे। भाई-बहन अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए और मांगने के बाद भी शव उन्हें नहीं सौंपा। यह जांच का विषय है। इस मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। - शुभम पटेल, एसपी देहात।
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