हाईकोर्ट में लगातार इस मामले की सुनवाई हो रही है। इसी क्रम में पुलिस पर आरोपों के चलते गुमशुदगी मुकदमे की विवेचना हाथरस के सीओ सिकंदराराऊ जेएस अस्थाना को दी गई है। वहीं पुलिस टीमों ने हापुड़, शामली, गाजियाबाद से लेकर अलीगढ़ मंडल व जीआरपी तक के 17 सितंबर के बाद मिले अज्ञात शवों की जांच की। जिसमें दाऊद खां स्टेशन पर उसी रात मिले शव को लेकर आशंका बनी है कि वह अनुज का हो सकता है। हालांकि जीआरपी ने 72 घंटे के पहचान के प्रयास के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मगर उससे मिले कपड़े सुरक्षित हैं।
साथ में डीएनए नमूने सुरक्षित रखे हैं। पुलिस ने पाया कि घर से निकलते समय 7 बजे के आसपास अनुज ने जो लोवर व अंडरवीयर पहना था। उसी रंग का मिलता जुलता लोवर व अंडरवीयर शव से मिला था। इस बात की पहचान बुधवार को अपने बयानों में पत्नी ने भी की है। इसी आधार पर सीओ सिकंदराराऊ ने अनुज की मां व भाई को डीएनए मिलान के लिए 3 दिसंबर को नोटिस देकर बुलाया है। मगर वे अभी तक नहीं आए हैं। यही जवाब हाईकोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई में जिला पुलिस की ओर से दाखिल किया गया है।
इधर, इस मामले में बुधवार को मां के अधिवक्ता की ओर से तथ्य रखा गया कि अनुज के मकान मालिक ने बताया कि 17 सितंबर की देर शाम एक दरोगा व सिपाही अनुज को अपने साथ ले गए थे। इस तथ्य के आने के बाद हाईकोर्ट ने इसे आपराधिक मामले में सुनवाई के लिए दाखिल करने के निर्देश देकर अब 16 दिसंबर तारीख नियत की है।