अतरौली के आरटीआई कार्यकर्ता और स्वराज समिति के सचिव सौरभ भारद्वाज ने खुद पर दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे में पिछले काफी समय से ब्लैकमेलिंग होने का आरोप लगाया है। इसके साक्ष्य पेश करते हुए 9 जून को इस संबंध में मीडिया को जानकारी दी। कहा कि ये सभी साक्ष्य कोर्ट में भी अपनी ओर से पेश किए गए हैं और अपने बयान भी दर्ज कराए गए हैं।
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9 जून को इस संबंध में प्रेसवार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें निर्दोष को सजा हुई। बाद में वह शीर्ष न्यायालय से बरी हुआ। इसी तरह उन पर व उनके साथी अंशुल भारद्वाज पर 2020 में अतरौली में एक पीछा करने का मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें घटना पांच छह वर्ष पुरानी बताई। उसके बाद से ही ब्लैकमेल करने वाले लोग संपर्क करने लगे। रुपयों सहित चार अलग अलग मांग रखीं। बात न मानने पर उसी मुकदमे में दुष्कर्म का आरोप लगवाकर बयान दर्ज कराए।
उसी आधार पर कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी। पुलिस ने हमारी एक नहीं सुनी। मगर उसके बाद से अब तक लगातार सौरभ ने इतने साक्ष्य एकत्रित किए हैं, जिनमें रिकार्डिंग, ऑडियो-वीडियो दोनों शामिल हैं। जिनमें मुकदमा खत्म करने के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं। ये सभी साक्ष्य कोर्ट में पेश कर दिए गए हैं।