सिकंदराराऊ क्षेत्र के टटी डंडिया में काले हिरणों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने एक विस्तृत पंच वर्षीय कार्ययोजना तैयार की है। लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत वाली इस संरक्षण परियोजना के माध्यम से न केवल काले हिरणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन दोनों में वृद्धि होने की संभावना है।
वन विभाग के मुताबिक टटी डंडिया क्षेत्र में लगभग 350 काले हिरण प्राकृतिक रूप से निवास करते हैं। तेजी से बदलते पर्यावरण, मानव गतिविधियों के बढ़ने और खेती योग्य जमीन के विस्तार के कारण इनका प्राकृतिक आवास लगातार प्रभावित हो रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग ने एक विस्तृत संरक्षण योजना बनाई है, जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया है।
पेयजल व सुरक्षा पर होगा जोर
गर्मी के मौसम में काले हिरणों के सामने सबसे बड़ी समस्या पेयजल की रहती है। इसे देखते हुए परियोजना में सोलर चलित पंप लगाने का प्रस्ताव है। इससे वर्षभर पानी की उपलब्धता होती रहेगी। इसके अतिरिक्त पूरे क्षेत्र की मजबूत फेंसिंग की जाएगी, ताकि बाहरी खतरों, शिकारियों और अवैध घुसपैठ से हिरणों को सुरक्षा मिल सके।
पर्यटकों के लिए होंगी सुविधाएं
परियोजना का उद्देश्य न केवल काले हिरणों का संरक्षण है, बल्कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना भी है। इसके अंतर्गत मुख्य मार्गों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। पर्यटकों के लिए बैठने की व्यवस्था और छायादार स्थल बनाए जाएंगे। क्षेत्र में बेहतर रास्ते विकसित होंगे। वन्यजीवों को दूर से देखने के लिए व्यू प्वाइंट और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इन सुविधाओं से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
पंचवर्षीय विकास और संरक्षण योजना
वन विभाग इस योजना को पांच वर्ष की दीर्घकालिक परियोजना के रूप में लागू करना चाहता है, जिसमें निरंतर निगरानी, वनस्पति संवर्धन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देना है। विभाग का मानना है कि यदि योजना समयबद्ध रूप से कार्यान्वित हो गई तो यह क्षेत्र काले हिरणों के सुरक्षित-संरक्षित आवास बन सकेगा। यह प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आकर्षण केंद्र बन सकेगा।
काले हिरण के संरक्षण को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही इस पर काम किया जाएगा। इस योजना से क्षेत्र की पहचान को नया आयाम मिलेगा और काले हिरणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
-राकेश चंद्र यादव, प्रभागीय वनाधिकारी हाथरस।
यह हो रही तैयारी
-हिरणों के वास, संरक्षण के लिए वन विभाग ने बनाया प्रस्ताव
-पर्यटकों की आवक बढ़ाने हेतु सुविधाएं की जाएंगी विकसित
-सोलर पंप से होगी पेयजल व्यवस्था, पूरे क्षेत्र की होगी फेंसिंग
-सोलर स्ट्रीट लाइटें, रास्ते और बैठने की व्यवस्था की जाएंगी
-पांच वर्षों के लिए तैयार की जा रही दीर्घकालिक योजना