सर्दी में लोगों में साइनस संक्रमण बढ़ रहा है। इससे लोग साइनसाइटिस बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जिसमें बलगम नाक, आंख व माथे के आसपास जम जाता है। इस कारण चेहरे में दर्द, नाक बंद, सिरदर्द आदि समस्याएं हो रही हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को साइनसाइटिस के मरीज भी पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वरुण चौधरी ने बताया कि सर्दियों में साइनस संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। ठंडी व शुष्क हवा के कारण नमी खत्म हो जाती है, जिससे फ्लू वायरस, बैक्टेरियल संक्रमण, फंगस व एलर्जी के कारण साइनस की दिक्कत होती है।
माथे, नाक व आंख के नीचे खोपड़ी के अंदरूनी भाग में खाली जगह होती है, जिसे साइनस कहते हैं। साइनस में बलगम बनता है, जो नाक से बाहर निकलता है। तरल पदार्थ श्वांस के रास्ते को साफ व बेक्टेरिया मुक्त रखता है। सर्दी-जुकाम व संक्रमण के कारण यह तरल पदार्थ जमने लगता है।
जिला अस्पताल पहुंच रहे मरीज
जिला अस्पताल में साइनस संक्रमण के मरीज भी पहुंच रहे हैं। सर्दी-जुकाम बिगड़ने के कारण लोग साइनसाइटिस के शिकार हो रहे हैं। डाॅ. वरुण ने बताया कि एक दिन में पांच से छह ऐसे मरीज आ रहे हैं। जबकि कई ऐसे मरीज आते हैं कि जिन्हें संक्रमण की संभावना रहती है। उन्हें सावधान किया जाता है और दवाएं देकर संक्रमण से बचाव किया जाता है।
तीव्र संक्रमण में चिकित्सक को दिखाएं
चिकित्सक ने बताया कि साइनसाइटिस के तीव्र संक्रमण को हल्के में न लें। साइनस के ऊतकों में सूजन के कारण बलगम भर जाता है, जिससे चेहरे पर दबाव व भारीपन महसूस होता है। सिर घुमाने में स्थिति और खराब होती है। सांस लेने में दिक्कत, नाक बंद व सूंघने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
सर्दी-जुकाम के पहुंचे 267 मरीज
जिला अस्पताल में मंगलवार को सर्दी-जुकाम के 267 मरीज पहुंचे। इनमें साइनस संक्रमण के संभावित आठ मरीज रहे, जिनकी खून की जांच कराई गई। इन्हें दवाओं के साथ भाप लेने और गर्म पानी के सेवन की सलाह दी गई। इनके अलावा सांस संबंधी परेशानी के 247 मरीज आए। 154 बच्चों को परीक्षण किया गया। दोपहर डेढ़ बजे तक 1287 मरीजों के पर्चे बनाए गए।