किशनपुर के भाजपा पार्षद विनोद दिवाकर और उनके परिजनों संग होली के दिन मारपीट का मामला सोमवार को तूल पकड़ गया। उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज न होने, आरोपियों पर कार्रवाई न होने और अब आरोपियों द्वारा धमकी दिए जाने से खफा तमाम भाजपाई एकत्रित होकर क्वार्सी थाने पहुंच गए। थाने का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान हल्का इंचार्ज से नोकझोंक तक हो गई। हालांकि बाद में एसओ के समझाने और ठोस आश्वासन पर भाजपाई मान गए। मगर इस दौरान काफी देर तक थाने में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
यहां मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत की अगुवाई में एकत्रित होकर पहुंचे भाजपाइयों का कहना था कि इलाके के असामाजिक तत्वों ने हमला बोला। इस मामले में पार्षद व परिवार की महिलाओं के गंभीर चोट आईं। जिसकी तहरीर उसी दिन थाने में दे दी गई। मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब आरोपी धमकियां देते फिर रहे हैं। इस दौरान जब हल्का इंचार्ज से भाजपाइयों की नोकझोंक हुई तो पीड़ित पक्ष ने शरीर की चोटें दिखाईं और बाहर ही धरने पर बैठ गए। तब थाना प्रभारी ने हस्तक्षेप किया और मामले में कार्रवाई का आश्वासन देते हुए भाजपाइयों को शांत किया। फिर भी काफी देर तक तर्क-वितर्क चलते रहे। बाद में एसओ के स्तर से आश्वासन दिया गया कि 24 घंटे में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस मौके पर प्रमुख रूप से संजीव राजा, राजीव अग्रवाल, अनिल पाराशर, सुबोध स्वीटी, मानव महाजन, देवराज सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, विमलेश वर्मा, संगीता वार्ष्णेय, अनीता सिंह, सुंदर लाल सोनकर, प्रमोद गौड़, मानवेंद्र सिंह, सुरेश चंद, ओपी लाला, भू प्रकाश माहौर, हरी बाबू गुप्ता, दिलीप निषाद, उदय वीर लोधी, पुष्पेंद्र जादौन, ओम प्रकाश गोयल, तोता राम, कुलदीप पांडे, गुनीत मित्तल, छोटे लाल, डॉ मुकेश, संजय पंडित, योगेंद्र वशिष्ठ, विनोद दिवाकर, आरके प्रेमी, जगदीश महाजन, प्रवेंद्र जैन आदि थे।
थाने में सपा-भाजपा आए आमने-सामने
पार्षद विनोद दिवाकर की मदद में भाजपा के साथ-साथ तमाम पार्षद भी गए थे। इस खबर पर सपा पार्षद दल के नेता अफजाल हमीद भी पहुंच गए थे। इसी दौरान धरना खत्म होते समय भाजपाई भाजपा समर्थित नारेबाजी कर रहे थे। इस पर अकेले सपा पार्षद अफजाल ने भी सपा समर्थित नारेबाजी कर दी। इस पर वहां अफजाल हमीद व देवराज सिंह में नोकझोंक हो गई। देवराज ने सीधे-सीधे आरोप लगाया कि सपाई गुंडों ने भाजपा पार्षद को पीटा है। तुम क्यों सपा समर्थन में नारेबाजी कर रहे हो। इस पर सपा पार्षद ने कहा कि यहां नारेबाजी की कोई बात नहीं, बल्कि यहां हम तो समर्थन के लिए आए हैं। इस दौरान भिड़ंत जैसी स्थिति बनी। तो पुलिस को मध्यस्थता करनी पड़ी। तब जाकर मामला शांत हुआ।