पंत सभागार में हुई जिला पंचायत बोर्ड बैठक में जिले के विकास के लिए 329.12 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किये गए। इन सभी प्रस्तावों को मंगलवार को जनपद के प्रभारी मंत्री एवं पशुधन, लघु सिंचाई और अन्य विभागों के मंत्री राजकिशोर सिंह की अध्यक्षता में होने वाली जिला योजना समिति की बैठक में रखा जाएगा। अनुमोदन के पश्चात जिला योजना तैयार कर ली जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू की अध्यक्षता में जिला पंचायत के पंत सभागार में करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बोर्ड बैठक में 329.12 करोड़ रुपये की जिला योजना तैयार की गई। इसमें 232.08 करोड़ रुपया राज्यांश तो 97.11 करोड़ रुपये का केंद्रांश होगा। सबसे ज्यादा खर्च 210.65 करोड़ रुपया निर्माण कार्यों पर किया जाएगा तो स्पेशल कंपोनेंट प्रोग्राम पर भी 85.97 करोड़ रुपया खर्च करना प्रस्तावित किया गया है। ग्रामीण इलाके के संपर्क मार्गों के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रस्ताव हुआ है।
इस दौरान जिला पंचायत एवं ब्लाकों से सड़क, नाली खरंजे, कब्रिस्तान की भूमियों के चारों ओर बाउंड्रीवाल समेत करीब 200 कामों के प्रस्ताव आए। इस मौके पर पूर्व कबीना मंत्री एवं एमएलसी ठा. जयवीर सिंह ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य मिल कर जिले का विकास कराएं। जिसमें सरकारी अफसर पूरी सहभागिता करें। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष को तयशुदा समय में काम पूरा करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी धीरेंद्र सचान ने पूरी योजना का ब्यौरा पेश किया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बजट के विभिन्न पहलुओं एवं आंकड़ों से अवगत कराया।
सदस्यों की भ्रष्टाचार आदि की आशंकाओं को निर्मूल बताते हुए कहा कि हम भ्रष्टाचार या अपराध को दूर नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इसकी नीतियां शासन से तय होती हैं। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संभाष चंद्र मिश्रा ने किया। जिला विकास अधिकारी शकील अहमद, डीसी मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा, उपनिदेशक कृषि रोहताश कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी एके शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी एमजैड खान, विद्युत, नहर, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग आदि के जिला स्तरीय अधिकारी के साथ साथ ब्लॉक प्रमुख खैर दिवाकर गौड़ मौजूद रहे।
पूरा धन मिले तो हो विकास
अलीगढ़। प्रशासनिक अमले व जनप्रतिनिधियों के गठजोड़ ने भले ही जिले के विकास के लिए 329.12 करोड़ रुपये की जिला योजना तैयार कर ली हो और यह राशि जिले के विकास के लिए पर्याप्त मानी जा रही हो, लेकिन यह तभी संभव हो सकेगा, जब पूरा पैसा मिल जाए। पिछले दो साल के आंकड़े इस हकीकत को बयां करने के लिए काफी हैं। बताते चलें कि वर्ष 2014-15 में 142 करोड़ की जिला योजना के सापेक्ष 56 करोड़ रुपया ही मिल सका था तो वर्ष 2015-16 में 327 करोड़ के सापेक्ष 44 करोड़ रुपये ही हाथ आए थे।
इस बार दो करोड़ अधिक के प्रस्ताव
अलीगढ़। जिला योजना के लिए इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले विकास के लिए मात्र दो करोड़ रुपये अधिक का प्रस्ताव किया गया है। बताते चलें कि पिछली बार वर्ष 2015-16 में 327 करोड़ की जिला योजना बनी थी। इस बार इससे दो करोड़ बारह लाख रुपये अधिक 329.12 करोड़ की योजना बनी है।
न सांसद और न ही आए विधायक
अलीगढ़। जिला पंचायत की अति महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में न तो सांसद और न ही किसी विधायक ने रुचि दिखाई। यहां तक कि छर्रा विधायक राकेश सिंह की पत्नी और जिला पंचायत सदस्य डॉ. नीतू सिंह ने भी बैठक में शिरकत नहीं की। जबकि सदस्य बबिता सिंह एवं पूनम के बजाय उनके पति बैठक में मौजूद रहे। बबीता सिंह के पति सुबोध सिंह ने हैंडपंप लगवाने सहित अन्य योजनाओं में हो रहे मनमाने खर्च पर सवाल उठाये।