शहर के भुजपुरा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बिजली चोरी के आरोप में बिजली काटने और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर सोमवार को भारी हंगामा हुआ। नगला आशिक अली के निवासियों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए भुजपुरा बिजली घर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
पीड़ित शेखर के अनुसार तीन दिन पहले एक बिजली कर्मी ने उनसे 7,000 रुपये लेकर नया कनेक्शन लगाया था, लेकिन महज दो दिन बाद इलाके के अवर अभियंता (जेई) चेकिंग के नाम पर पहुंचे और शेखर पर बिजली चोरी का आरोप मढ़ दिया। विभाग ने न केवल रिपोर्ट दर्ज कराई, बल्कि 61,000 रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया।
इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को सैकड़ों क्षेत्रीय लोग बिजली घर जमा हो गए। प्रदर्शन इतना उग्र था कि मौके पर पहुंचे एसडीओ सासनी गेट संदीप सगर को भारी भीड़ का सामना करना पड़ा। धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच एसडीओ का एक जूता खो गया। बाद में जूते की तलाश की गई और एसडीओ को सौंपा गया।
मौके पर पहुंचे पार्षदों और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विभाग को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस बिजली कर्मी ने पैसे लेकर कनेक्शन दिया, उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसके अलावा मात्र दो दिन में 61 हजार रुपये की बिजली चोरी कैसे संभव है। आरोप लगाया गया कि स्थानीय अवर अभियंता का व्यवहार जनता के प्रति ठीक नहीं है।
एसडीओ संदीप सागर ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने कहा कि यदि एफआईआर गलत दर्ज हुई है, तो उसे वापस लिया जाएगा और किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए।
मामले की जांच की जाएगी : एसडीओ
एसडीओ संदीप सगर ने बताया कि विभाग की सतर्कता टीम सामान्य रूप से चेकिंग करती हैं। लोगों का आरोप है कि दो दिन पहले पैसे लेकर कनेक्शन दिया गया सवाल यह है कि उससे पहले से बिजली का उपयोग हो रहा था तो वह कैसे हो रहा था। इन सभी बातों की जांच की जाएगी।
सुबह चार बजे चेकिंग टीम पहुंचती है
स्थानीय पार्षद हफीज अब्बासी, आसिफ अल्वी, सपा मजदूर सभा के पूर्व प्रदेश महासचिव मो. शकील कहते हैं कि बिजली विभाग की सतर्कता टीम सुबह चार बजे लोगों के यहां पर चेकिंग के लिए पहुंचती हैंं। यह उपभोक्ता को पहले से ही मान लेती हैं कि वह बिजली चोरी कर रहा है। उसी तरह से व्यवहार करती हैं। इस कार्यशैली को लेकर लोगों में रोष है।