देश की आजादी के बाद जैन समाज के 38 सांसद थे। कई राज्यपाल थे। देश की आजादी में जैन समाज की अहम भूमिका रही है। लेकिन मौजूदा वक्त में भागीदारी में कमी आई है। जितना जगह जैन समाज के लोगों को मिलना चाहिए, उतना नहीं मिला है। - सुरेश जैन रितुराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जैन मिलन
भारतीय राजनीति से जैन समाज को अलग रखा जा रहा है। बड़ौत में एक हादसा हो गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी। राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक जांच और मदद की गुहार लगाई, लेकिन नहीं सुनी गई। इसलिए जैन समाज को राजनीति में भागीदारी चाहिए। - सुरेश जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष, भारतीय जैन मिलन
जैन समाज के युवक-युवतियां अपने कॅरिअर के चलते देर से शादी करते हैं, जिससे परिवार बनने में भी देरी होती है। बच्चों को सोचना चाहिए कि देरी से शादी न करें। परिवार भी उन्हें प्रोत्साहित करें। बच्चे जल्द कॅरिअर बना लें, जिससे सही उम्र में शादी हो। - निशी जैन, राष्ट्रीय संयोजिका, भारतीय जैन मिलन
समाज के लोगों को राजनीति में भागीदारी नहीं दी जा रही है, जबकि देश में सबसे ज्यादा टैक्स देता है। राष्ट्रीय अधिवेशन में जैन समाज की एकता, अखंडता का संकल्प लिया गया। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर चर्चा हुई। जैन समाज के बच्चों को दूसरे जाति-धर्म में विवाह न करने पर जोर दिया गया।-डॉ. पीके जैन, मुख्य संयोजक, राष्ट्रीय अधिवेशन
ये हैं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी
-अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, मेरठ
-मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष नरेश चंद जैन, देहरादून
-कार्यकारी अध्यक्ष (दक्षिण) नरेंद्र जैन राजकमल, बागपत
-कार्यकारी अध्यक्ष (मध्य) सुरेंद्र कुमार जैन, नवीन शाहदरा दिल्ली
-कार्यकारी अध्यक्ष (उत्तर) मनोज कुमार जैन, मुजफ्फरनगर
-वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेंद्र जैन, सागर मध्य प्रदेश
-उपाध्यक्ष मनोज जैन बड़ौत, बागपत
-महामंत्री प्रशासन अजय कुमार जैन, सहारनपुर
-महामंत्री संगठन महेंद्र कुमार जैन, ग्वालियर
-मंत्री नरेश चंद जैन, अशोक नगर
-कोषाध्यक्ष जयकुमार जैन, सोनीपत
-प्रचार अध्यक्ष राजेश कुमार जैन, ग्वालियर मध्य प्रदेश
-प्रचार मंत्री संजय जैन, नवीन शाहदरा दिल्ली