अलीगढ़ जिले के सात विधायक राजकुमार सहयोगी, मुक्ता राजा, अनिल पाराशर, सुरेंद्र दिलेर, रवेंद्र पाल सिंह, जयवीर सिंह और चौधरी ऋषि पाल सिंह ने सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, लिपिक रणधीर चौधरी सहित अन्य चिकित्सकों के खिलाफ शासन में शिकायत की थी।
भ्रष्टाचार के आरोपों में निलंबित सीएमओ कार्यालय के बाबू रणधीर चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। निलंबन आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने स्टे प्रदान कर दिया। इसके बाद बुधवार को रणधीर ने तत्काल प्रभाव से सीएमओ कार्यालय में पद भार ग्रहण कर लिया।
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अलीगढ़ जिले के सात विधायक राजकुमार सहयोगी, मुक्ता राजा, अनिल पाराशर, सुरेंद्र दिलेर, रवेंद्र पाल सिंह, जयवीर सिंह और चौधरी ऋषि पाल सिंह ने सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, लिपिक रणधीर चौधरी सहित अन्य चिकित्सकों के खिलाफ शासन में शिकायत की थी। विभागीय जांच में रणधीर चौधरी पर डिजिटल सबूत, अस्पताल संचालकों से लेन-देन की वीडियो क्लिप और पीसीपीएनडीटी तथा अस्पताल पंजीकरण में अनियमितताओं के आरोप लगे थे।
एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। डीएम ने इस मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट से कराई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर 26 नवंबर 2025 को निदेशक (प्रशासन), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से उन्हें तत्काल निलंबित कर एडी हेल्थ आगरा से संबद्ध किया था, लेकिन रणधीर आगरा नहीं गए और हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती देते हुए स्टे प्राप्त कर लिया। बुधवार को बाबू ने कार्यालय में ज्वाइन कर कामकाज शुरू कर दिया। उनके स्थान पर कार्य कर रहे चीफ फार्मासिस्ट स्टोर में फिर पहुंच गए।