बबलू मृतक तेज सिंह को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद दोनों ने नजदीकी गांव हाजीपुर में एक साथ बैठकर शराब पी। अगली सुबह तेज सिंह का शव संदिग्ध हालात में मिला। शुरुआत में परिजनों ने बबलू पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अलीगढ़ की विशेष अदालत (एससी-एसटी एक्ट) ने करीब 19 साल पुराने एक हत्याकांड में आरोपी बबलू को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा सक्सेना की अदालत ने दोषी पर 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से दो-तिहाई रकम आर्थिक मदद के तौर पर मृतक के पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
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यह पूरा मामला क्वार्सी थाना क्षेत्र के गांव ईशनपुर का है। वादी महेंद्र सिंह द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, घटना सात जनवरी 2007 की है। उस दिन गांव का ही रहने वाला बबलू उनके पिता तेज सिंह को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद दोनों ने नजदीकी गांव हाजीपुर में एक साथ बैठकर शराब पी।
अगली सुबह तेज सिंह का शव संदिग्ध हालात में मिला। शुरुआत में परिजनों ने बबलू पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो हत्या की क्रूरता देखकर सब हैरान रह गए।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि तेज सिंह के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। अंदरूनी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उनका गुर्दा पूरी तरह फट गया था, जो उनकी मौत की मुख्य वजह बना। पुलिस द्वारा दाखिल की गई पुख्ता चार्जशीट, गवाहों के बयानों और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बबलू को गैर-जमानती धाराओं में दोषी ठहराते हुए उसे जेल भेज दिया।