जीटी रोड पर फल मंडी के समीप साईं इंस्टीट्यूट के बीफार्मा कोर्स में दाखिला लेने वाले लगभग 35 छात्रों का भविष्य मान्यता के फेर में फंस गया है। एकेटीयू द्वारा हाल ही में कराई गई परीक्षाओं में संस्थान के विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में छात्र परेशान हैं। छात्रों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है।
छात्रों ने बताया कि 2020-21 में बीफार्मा में दाखिला लिया था। दाखिला देते समय कालेज प्रशासन ने एकेटीयू (डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी) लखनऊ से मान्यता होने के बारे में बताया था। प्रत्येक छात्र से लगभग एक लाख रुपये शुल्क लिया गया था। इनमें कुछ ऐसे छात्र थे, जिनकी नाम मात्र ही फीस बकाया थी। पढ़ाई शुरू हुई। कॉलेज की आंतरिक परीक्षाएं भी हुईं। लेकिन एकेटीयू द्वारा कराई जाने वाली परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं हुए। इस पर छात्रों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और शासन से अनुमति मिल गई थी। एकेटीयू ने देरी से मिली अनुमति को सत्यापित नहीं किया। इसी कारण प्रवेश पत्र जारी नहीं हुए हैं। प्रयास है कि जल्द ही यह समस्या खत्म होगी और बच्चों की परीक्षाएं संपन्न कराएंगे।
- सितंबर 2020 में बीफार्मा में दाखिला लिया था। 90 हजार रुपये फीस ले ली गई। परीक्षा के समय बताया गया कि एकेटीयू से कॉलेज सत्यापित नहीं है। इसीलिए प्रवेश पत्र जारी नहीं हुए हैं। शिकायत जिलाधिकारी से की गई। कोई कार्रवाई न होने के चलते मजबूरन दाखिला वापस लिया है। - धीरज कुमार, डिबाई।
- कॉलेज ने तकरीबन 35 छात्रों का दाखिला बीफार्मा में लिया था। जब कॉलेज सत्यापित ही नहीं था तो दाखिले क्यों लिए गए। इसका मतलब जानबूझकर धोखाधड़ी की गई है। शिकायत पर जिलाधिकारी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई और कॉलेज ने दवाब बनाकर दाखिला वापस करा दिया है। -सागर भारती, सूत मिल।
- फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली और शासन से कोर्स संचालित करने की अनुमति मिल गई थी। नौ मार्च से एकेटीयू ने अपनी परीक्षा कराई तो बच्चों के प्रवेशपत्र जारी नहीं हुए। बताया गया कि देरी से मिली अनुमति के चलते यह खामी सामने आई है। शुक्रवार को एकेटीयू के वीसी से मुलाकात की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही शेष बच्चों की परीक्षा कराएंगे। - राकेश गुप्ता, चेयरमैन, साईं इंस्टीट्यूट।
- अगर कॉलेज प्रशासन के पास कोई मान्यता नहीं थी अथवा एकेटीयू से सत्यापित नहीं था तो किस आधार पर दाखिला लिए गए ? छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। छात्रों की आवाज उठाई जाएगी और जल्द ही इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई करवाएंगे। - अमित गोस्वामी, छात्र नेता।